सर्वोदय/नई दिल्ली:- नए फाइनेंशियल ईयर 2026 की शुरुआत के साथ ही सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के वायदा भाव ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 10 ग्राम सोने का भाव पहली बार 91,300 रुपये के पार चला गया है, जिससे निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों में हलचल तेज हो गई है।
सोने और चांदी के ताजा भाव
मंगलवार को MCX पर सोने के जून वायदा का रेट लगभग 660 रुपये की तेजी के साथ 91,374 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में यह 91,400 रुपये तक पहुंच गया, जो कि अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
चांदी में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। MCX पर सिल्वर का मई वायदा 760 रुपये की बढ़त के साथ 1,00,825 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, जो शुरुआती कारोबार में 1,00,975 रुपये तक चढ़ा। हालांकि, चांदी का अब तक का ऑल-टाइम हाई 1,04,072 रुपये प्रति किलोग्राम रहा है।
क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में यह तेजी बरकरार रह सकती है। HDFC सिक्योरिटीज के अनुज गुप्ता ने बताया कि सोने की कीमतों में उछाल का मुख्य कारण सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग है।
केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया ने बताया कि बीते वित्त वर्ष (FY25) में सोने ने 40% का शानदार रिटर्न दिया। उन्होंने सोने में इस तेजी की 10 प्रमुख वजहें बताईं:
अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी: अमेरिका द्वारा यूरोपियन एल्कोहल और चीन पर नए टैरिफ लगाने से ट्रेड वॉर की आशंका बढ़ी, जिससे निवेशक सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
सेंट्रल बैंकों की खरीदारी: दुनियाभर के सेंट्रल बैंक, विशेष रूप से चीन, सोने की खरीदारी कर रहे हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां: ब्याज दरों में कटौती की संभावना से सोने की मांग बढ़ी है।
फिजिकल गोल्ड की कमी: सोने की सप्लाई चेन में रुकावटें आई हैं, जिससे कीमतें चढ़ रही हैं।
कमजोर डॉलर: अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है, जिससे सोने का आकर्षण बढ़ा है।
भू-राजनीतिक तनाव: रूस-यूक्रेन युद्ध, यूएस-चीन व्यापार विवाद और ईरान की आक्रामक नीतियां भी सोने की कीमतों को सपोर्ट कर रही हैं।
ETF इनफ्लो: गोल्ड ETF में 2024 के बाद 15% की बढ़त देखी गई है।
महंगाई और करेंसी गिरावट: बढ़ती महंगाई के कारण निवेशक सोने को हेजिंग टूल के रूप में अपना रहे हैं।
इक्विटी बाजार में गिरावट: वैश्विक बाजारों में गिरावट और मंदी की आशंका के कारण निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
ईरान की गोल्ड होल्डिंग: ईरान ने अपने 20% विदेशी मुद्रा भंडार को सोने में बदल दिया है, जिससे इसकी मांग और बढ़ गई है।
क्या सोना 1 लाख रुपये तक पहुंचेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने का बुलिश ट्रेंड बना रहेगा। अनुज गुप्ता के अनुसार, MCX पर जून कॉन्ट्रैक्ट के लिए 90,780 और 90,900 रुपये के रेजिस्टेंस स्तर देखे जा रहे हैं, जबकि 90,260 और 89,700 रुपये का सपोर्ट लेवल है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहा, तो जल्द ही सोने की कीमतें 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकती हैं। निवेशकों के लिए यह सुनहरा मौका हो सकता है, लेकिन उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव पर भी नजर रखनी चाहिए।



