न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चैत्र नवरात्रि से दर्शन व्यवस्था में बड़े बदलाव लागू किए जाएंगे। नवसंवत्सर 2083 के शुभागमन पर श्रद्धालुओं को शेषावतार और परकोटे के मंदिरों सहित सप्त मंडपम एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने का अवसर मिलेगा।
प्रथम तल पर रामदरबार के दर्शन
श्रीराम मंदिर के प्रथम तल पर रामदरबार दर्शन की व्यवस्था भी आम श्रद्धालुओं के लिए शुरू की जाएगी। स्थानाभाव को ध्यान में रखते हुए दर्शन के लिए एक-एक घंटे के स्लॉट निर्धारित किए जाएंगे।
शेषावतार व परकोटे के मंदिरों में दर्शन
परकोटे के छह मंदिरों के दर्शन और शेषावतार की मूर्तियों का दर्शन भी चैत्र नवरात्र से शुरू होगा। इन मंदिरों में फिनिशिंग और सफाई का कार्य चल रहा है। कुछ स्तम्भों पर यक्ष-यक्षिणियों की मूर्तियां उत्कीर्ण की जा रही हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रहेंगी मुख्य अतिथि
नवसंवत्सर 2083 के शुभागमन के अवसर पर 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि होंगी और हनुमान मंदिर में ध्वजारोहण करेंगी। रामलला के दर्शन के लिए वीआईपी पास व्यवस्था में भी सुधार किया जाएगा।
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तीर्थ क्षेत्र की कोर कमेटी ने भीड़ और दबाव के मद्देनज़र पास व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने का विचार स्थगित कर आवश्यक बदलाव पर चर्चा की है।
यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए नवरात्रि के अवसर पर सुविधाजनक और व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करेगी।



