न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- रेलवे ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों गोरखपुर, लखनऊ और वाराणसी (बनारस) से चलने वाली ट्रेनों की संख्या अगले पांच वर्षों में दोगुनी करने की योजना तैयार की है। रेलवे बोर्ड की ओर से संकेत मिलने के बाद उत्तर पूर्व रेलवे (एनईआर) ने इस दिशा में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। नई रेल लाइनों और बाईपास रूट के निर्माण से इस लक्ष्य को हासिल करना आसान माना जा रहा है।
फिलहाल गोरखपुर जंक्शन से करीब 180 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। एनईआर क्षेत्र में तीन नई रेल लाइनों के साथ-साथ दो बाईपास लाइनों पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो सकेगा।
48 बड़े शहरों में बढ़ेगी रेल क्षमता
रेल मंत्रालय देश के गोरखपुर, लखनऊ समेत 48 बड़े शहरों में अगले पांच साल के भीतर रेल क्षमता दोगुनी करने की योजना पर काम कर रहा है। मंत्रालय के अनुसार यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए 2030 तक इन शहरों में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जरूरी हो गया है। इसी उद्देश्य से इन शहरों से शुरू होने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है।
योजना के तहत बड़े रेलवे टर्मिनलों के साथ-साथ आसपास के स्टेशनों को भी विकसित किया जाएगा, ताकि मुख्य स्टेशनों पर भीड़ कम हो और रेल संचालन सुचारु बना रहे।
नए प्लेटफॉर्म और टर्मिनल होंगे तैयार
क्षमता विस्तार के लिए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, स्टेबलिंग लाइन, पिट लाइन और शंटिंग सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही शहरी इलाकों और उनके आसपास नए टर्मिनलों की पहचान कर उनका विकास किया जाएगा।
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टर्मिनल विस्तार की योजना बनाते समय आसपास के स्टेशनों को भी समान रूप से सशक्त किया जाएगा। गोरखपुर में कैंट-नकहा और कुसम्ही जैसे स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने की भी तैयारी है।
तीन साल में पूरा होगा गोरखपुर जंक्शन का पुनर्विकास
गोरखपुर जंक्शन के पुनर्विकास का काम अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्टेशन पर नए फुट ओवरब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिसे करीब आठ महीने में पूरा करने की योजना है।
खलीलाबाद–श्रावस्ती–बहराइच नई रेल लाइन
करीब 240 किलोमीटर लंबी खलीलाबाद–श्रावस्ती–बहराइच ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना को 2018 में मंजूरी दी गई थी। यह लाइन उत्तर प्रदेश के पिछड़े इलाकों को जोड़ने के साथ क्षेत्रीय विकास में अहम भूमिका निभाएगी। परियोजना को 2026 से 2029 के बीच पूरा करने का लक्ष्य है।
आनंदनगर–महराजगंज–घुघली रेल लाइन
आनंदनगर से महराजगंज होते हुए घुघली तक प्रस्तावित यह नई रेल लाइन लगभग 52.7 किलोमीटर लंबी होगी। इसके निर्माण से गोंडा से आनंदनगर होकर घुघली जाने की दूरी करीब 42 किलोमीटर कम हो जाएगी। इस मार्ग पर सरयू नदी पर एक लंबा पुल भी बनाया जाएगा।
रेलवे के इस मेगा प्लान से न सिर्फ ट्रेन सेवाओं में इजाफा होगा, बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और तेज कनेक्टिविटी भी मिल सकेगी।



