न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी रोकने और राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए अब अभियंताओं और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। पावर कॉरपोरेशन ने निर्णय लिया है कि इन दोनों मानकों को वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) में शामिल किया जाएगा। यानी बिजली चोरी पर नियंत्रण और बकाया वसूली जितनी बेहतर होगी, उतनी ही अच्छी ACR बनेगी—और अच्छी ACR से प्रमोशन का रास्ता साफ होगा।
पावर कॉरपोरेशन लंबे समय से उपभोक्ताओं और सरकारी विभागों में फंसी बकाया राशि की वसूली और लाइन लॉस कम करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन व्यापक सुधार देखने को नहीं मिला। अब प्रदर्शन को सीधे ACR से जोड़कर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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सूत्रों के अनुसार, ACR में दर्ज जानकारी की पुष्टि संबंधित अधिकारी के एक स्तर ऊपर का अभियंता करेगा। फिलहाल कॉरपोरेशन 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के घाटे में चल रहा है।
राजस्व बढ़ा तो उपभोक्ताओं को भी होगा फायदा
बिजली कंपनियों का सबसे बड़ा नुकसान बिजली चोरी और लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली न होने से होता है। जब बिजली खरीद पर होने वाले खर्च और उसकी वसूली के बीच अंतर बढ़ता है, तो कंपनियों को बिजली दरें बढ़ाने के प्रस्ताव देने पड़ते हैं।
अधिकारियों का मानना है कि: बिजली चोरी में कमी, बकाया वसूली में मजबूती दोनों का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और भविष्य में बिजली दरें बढ़ने की संभावना कम होगी। हालांकि कई अभियंता इस कदम को अव्यावहारिक बताते हुए विरोध भी जता रहे हैं।



