न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया भाषण की सराहना करने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। थरूर की प्रशंसा पर कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई, जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी अपने नेताओं के खिलाफ “फतवा” जारी कर देती है।
भाजपा का कांग्रेस पर हमला
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है। उन्होंने कहा- “यदि कोई नेता प्रधानमंत्री के भाषण की तारीफ कर दे, तो कांग्रेस तुरंत उसके खिलाफ फतवा निकाल देती है। जो पार्टी पूरे देश में लोकतंत्र की बात करती है, उसके अंदर लोकतंत्र बिल्कुल नहीं बचा है।”
बीजेपी ने कांग्रेस की विचारधारा पर हमला करते हुए यह भी कहा कि पार्टी का नाम “इंदिरा नाजी कांग्रेस” कर देना चाहिए, क्योंकि उसके व्यवहार में आपातकाल जैसी मानसिकता झलकती है।
थरूर ने क्यों की थी प्रधानमंत्री की प्रशंसा?
बिहार चुनावों में NDA की बड़ी जीत के बाद इंडियन एक्सप्रेस द्वारा आयोजित छठे रामनाथ गोयनका लेक्चर में पीएम मोदी का भाषण हुआ था। इसी कार्यक्रम में शशि थरूर मौजूद थे और उन्होंने बाद में एक्स (Twitter) पर पोस्ट करके भाषण की तारीफ की थी।
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थरूर ने लिखा कि- “प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग उन पर हमेशा चुनावी मूड में रहने का आरोप लगाते हैं, जबकि वे असल में ‘भावनात्मक मूड’ में रहते हैं, ताकि जनता की समस्याओं के समाधान पर वे ध्यान केंद्रित कर सकें।”
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में थॉमस मैकाले, “गुलामी की मानसिकता” और भारतीय भाषाओं व ज्ञान परंपराओं में गर्व बहाल करने के 10 साल के राष्ट्रीय मिशन की बात की। थरूर ने इसे एक “महत्वपूर्ण और विचारणीय संदेश” बताया।
कांग्रेस की नाराज़गी क्यों?
बिहार में करारी हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व लगातार आंतरिक असहमति और आलोचना पर सतर्क है। थरूर द्वारा प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सराहना को पार्टी के कई नेताओं ने “अनुचित समय” पर दिया गया संदेश माना।
इस विवाद के बाद BJP और Congress के बीच नई राजनीतिक गर्मी देखने को मिल रही है।



