Friday, February 13, 2026

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योगी सरकार के मंत्री रघुराज सिंह का विवादित बयान-कहा, “पढ़ा-लिखा मुसलमान बड़ा आतंकवादी”

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रघुराज सिंह एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। अलीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मुसलमान समुदाय, मदरसों और मस्जिदों को लेकर तीखी टिप्पणियाँ कीं, जिन पर राजनीतिक बवाल मचना तय माना जा रहा है।

मंत्री रघुराज सिंह ने दावा किया कि “आज तक जितने भी आतंकी पकड़े गए हैं, वे मस्जिद या मदरसों से जुड़े रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “जो मुसलमान जितना पढ़ा-लिखा होता है, वह उतना ही बड़ा आतंकवादी बन जाता है।” उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए उसे “आतंकवादियों का अड्डा” बताया।

“मस्जिद और मदरसे बंद होने चाहिए”—मंत्री का दावा

दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े एक सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए रघुराज सिंह ने कहा कि दिल्ली हमले पर किसी मुस्लिम धार्मिक नेता ने निंदा नहीं की, जिससे उनकी “मंशा साफ होती है।”
उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा: “मदरसों और मस्जिदों को बंद कर देना चाहिए ताकि आतंकवाद की जड़ काटी जा सके।”

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उन्होंने ओसामा बिन लादेन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह “उच्च शिक्षित” था और “चाहे जितनी पढ़ाई कर लो, इनसे खतरा बढ़ता है।”

एएमयू की जांच की मांग

राज्यमंत्री ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर भी विवादित आरोप लगाए। उन्होंने कहा: “AMU की जांच होनी चाहिए। यहां से भी बुरहान वानी जैसे लोग निकले हैं।” उन्होंने अल्पसंख्यक संस्थानों को लेकर भी कई तीखे बयान दिए, जिन्हें विपक्षी दल कड़ी प्रतिक्रिया के साथ चुनौती दे सकते हैं।

न्यूयॉर्क के मेयर पर भी निशाना

रघुराज सिंह ने न्यूयॉर्क के नए मेयर ज़ोहरान ममदानी पर “धर्म परिवर्तन कराने” का आरोप लगाया। हालांकि ये दावे किसी आधिकारिक स्रोत से पुष्ट नहीं हैं। ममदानी मशहूर फिल्म निर्देशक मीरा नायर और शिक्षाविद महमूद ममदानी के पुत्र हैं।

फारूक अब्दुल्ला पर अत्यंत गंभीर टिप्पणी

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को लेकर भी उन्होंने कठोर बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब्दुल्ला ने “आतंकवाद को बढ़ावा दिया” और कहा कि:“अगर कानून सख्त होता, तो फारूक अब्दुल्ला को फांसी होनी चाहिए।” यह बयान भी व्यापक विवाद और राजनीतिक प्रतिक्रिया को जन्म दे सकता है।

डिस्क्लेमर-

यह रिपोर्ट केवल मंत्री द्वारा दिए गए बयानों का कवरेज है।इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है, और इनमें कई गंभीर आरोप शामिल हैं। सभी बयान मंत्री के व्यक्तिगत विचार हैं, जिनकी जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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