न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को ‘इंडियन स्टेट’ बयान मामले में बड़ी राहत मिली है। संभल की एमपी-एमएलए कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए उनके खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया।
यह मामला हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता द्वारा दाखिल किया गया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी का बयान समाज में वैमनस्य और अस्थिरता फैलाने वाला है।
क्या था मामला?
23 जनवरी 2025 को सिमरन गुप्ता ने एमपी-एमएलए कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि राहुल गांधी ने 15 जनवरी 2025 को नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के उद्घाटन समारोह में कहा था —“हमारी लड़ाई भाजपा या आरएसएस से नहीं, बल्कि इंडियन स्टेट से है।”
याचिकाकर्ता का आरोप था कि यह बयान लोकतांत्रिक ढांचे और सरकारी संस्थाओं पर प्रश्नचिह्न लगाता है और जनमानस की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
कई सुनवाइयों के बाद आया फैसला
सिमरन गुप्ता की याचिका को पहले एमपी-एमएलए कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने पुनरीक्षण याचिका (revision petition) दाखिल की। एडीजे-द्वितीय निर्भय नारायण सिंह की कोर्ट ने 20 मार्च को राहुल गांधी को नोटिस जारी किया था।
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28 अक्तूबर को चंदौसी स्थित जिला न्यायालय परिसर में एडीजे आरती फौजदार की अदालत में अंतिम सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। 7 नवंबर (शुक्रवार) को अदालत ने फैसला सुनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
दोनों पक्षों की दलीलें
राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद सगीर सैफी, और याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सचिन गोयल ने पक्ष रखा।राहुल गांधी के वकील ने तर्क दिया कि यह पुनरीक्षण याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, जबकि याचिकाकर्ता ने कहा कि बयान से जनभावनाएं आहत हुई हैं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने राहुल गांधी के पक्ष में फैसला दिया।
अब हाई कोर्ट जाएंगे याचिकाकर्ता
फैसले के बाद राहुल गांधी के अधिवक्ता सगीर सैफी ने कहा —“अदालत ने विस्तृत बहस के बाद याचिका को खारिज कर दिया है।” वहीं याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने कहा —“हम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हैं, लेकिन अब हाई कोर्ट में अपील करेंगे।”



