न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद नाटकीय रहा। विपक्षी महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक मुकेश सहनी को उप मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया।
यह घोषणा कांग्रेस नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पटना के होटल मौर्या में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। लेकिन इस ऐलान से पहले होटल के अंदर जो कुछ हुआ, उसने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले शुरू हुआ ‘ड्रामा’
महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस सुबह 11:30 बजे शुरू होनी थी, लेकिन निर्धारित समय पर नेता गायब होते चले गए। सूत्रों के अनुसार, मुकेश सहनी ने उप मुख्यमंत्री पद की मांग रख दी थी और स्पष्ट कहा कि “अगर तेजस्वी यादव गठबंधन का चेहरा होंगे, तो मैं उनका डिप्टी बनूंगा।” इस मांग के चलते पूरे होटल में अफरा-तफरी मच गई और प्रेस मीट एक घंटे तक टालनी पड़ी।
होटल मौर्या के कमरे में चली ‘आपात बैठक’
अशोक गहलोत के सुइट में राजद, कांग्रेस और वाम दलों के वरिष्ठ नेता इकट्ठा हुए। तेजस्वी यादव ने खुद हस्तक्षेप करते हुए सहनी को मनाने की कोशिश की, लेकिन सहनी अपने रुख पर कायम रहे।
उन्होंने कहा, “मैंने सिर्फ 25 सीटों पर इसलिए सहमति दी थी क्योंकि मुझे विश्वास था कि मुझे डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मैं अपने समर्थकों को कैसे जवाब दूंगा?”
गहलोत ने दिल्ली किया फोन – मिली ‘हरी झंडी’
स्थिति को संभालने के लिए अशोक गहलोत ने दिल्ली से पार्टी हाईकमान को स्थिति की जानकारी दी। दिल्ली से संकेत मिला कि सहनी की मांग मान ली जाए, क्योंकि मल्लाह समुदाय के वोट महागठबंधन के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। इसके बाद मामला शांत हुआ और प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी दोबारा शुरू की गई।
दीपांकर भट्टाचार्य से भी ली गई सहमति
प्रेस मीट शुरू होने से पहले वाम दलों के नेता दीपांकर भट्टाचार्य को भी कमरे में बुलाया गया और सहनी को डिप्टी सीएम फेस बनाए जाने पर उनकी राय ली गई। उन्होंने भी हामी भर दी।
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इसके साथ ही मुकेश सहनी का नाम आधिकारिक तौर पर उप मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में घोषित कर दिया गया।
बॉलीवुड से सियासत तक — मुकेश सहनी का सफर
मुकेश सहनी, जो पहले बॉलीवुड सेट डिज़ाइनर रहे हैं, अब बिहार की राजनीति में एक अहम चेहरा बन चुके हैं। VIP पार्टी को इस बार 15 सीटें दी गई हैं। महागठबंधन में उन्हें डिप्टी सीएम फेस घोषित किए जाने से सहनी का राजनीतिक कद अचानक बढ़ गया है।
सहनी बोले – “कोई दबाव नहीं था”
एनडीटीवी से बातचीत में मुकेश सहनी ने यह दावा किया कि उन्होंने किसी पर दबाव नहीं डाला। उन्होंने कहा, “देर जरूर हुई, लेकिन फैसला सही हुआ। हम सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं, और हमें उसका प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना चाहिए।” सहनी ने यह भी जोड़ा कि 2020 के चुनाव के बाद भी उन्हें उप मुख्यमंत्री पद की पेशकश हुई थी, जब वह एनडीए में थे।
होटल मौर्या के सुइट से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल तक, बिहार की राजनीति ने एक और नाटकीय मोड़ देखा। अब देखना यह है कि चुनाव नतीजों के बाद तेजस्वी-सहनी जोड़ी क्या बिहार की सत्ता तक पहुंच पाती है या नहीं।



