न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल गरम है और राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। जहां एनडीए (NDA) और महागठबंधन (I.N.D.I.A) आमने-सामने हैं, वहीं दोनों खेमों में अंदरूनी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
इन्हीं हालातों में गृह मंत्री अमित शाह अब खुद बिहार की चुनावी बागडोर अपने हाथों में लेते दिख रहे हैं। गठबंधन की नाराजगी और मतभेदों को साधने के लिए अमित शाह पटना में कैंप करेंगे।
अमित शाह का चुनावी शेड्यूल: पटना में लगातार मौजूदगी
- पहला चरण: 16 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक पटना में रहेंगे
- दीवाली ब्रेक के बाद वापसी: 22 से 25 अक्टूबर तक फिर बिहार में
- छठ महापर्व के बाद: 28 अक्टूबर से दोबारा बिहार आने की संभावना
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अमित शाह इस दौरान जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार, हम नेता जीतन राम मांझी, लोजपा (रामविलास) के चिराग पासवान और रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात करेंगे। इन नेताओं के बीच सीटों को लेकर हल्की नाराजगी और रणनीतिक असहमति को दूर करने की कोशिश की जाएगी।
गठबंधन में नाराजगी, अमित शाह करेंगे “क्राइसिस मैनेजमेंट”
एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर नीतीश कुमार की नाराजगी की चर्चा जोरों पर है। वहीं उपेंद्र कुशवाहा तो पहले ही शेरो-शायरी में अपने संदेश दे चुके हैं। इन हालातों में अमित शाह का खुद मैदान में उतरना भाजपा की गंभीर रणनीति को दर्शाता है।
प्रचार की कमान खुद संभालेंगे अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह न सिर्फ सहयोगी दलों से मिलेंगे, बल्कि कुछ प्रत्याशियों के नामांकन में भी हिस्सा ले सकते हैं, रैलियों को संबोधित करेंगे, संगठन की बैठकों में रणनीति तय करेंगे। धर्मेंद्र प्रधान (चुनाव प्रभारी), सीआर पाटिल (सह-प्रभारी) और यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य भी अब बिहार में एक्टिव रहेंगे।
भाजपा उतारेगी दूसरे राज्यों के CM-Dy CM
चुनावी प्रचार को धार देने के लिए भाजपा अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और बड़े नेताओं को बिहार भेजेगी। पार्टी की रणनीति स्पष्ट है – गठबंधन की एकजुटता का संदेश जनता तक पहुंचाना और विपक्ष को भ्रमित करना।



