न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लखनऊ के डिफेंस कॉरिडोर में स्थापित ब्रह्मोस निर्माण इकाई में बनने वाली मिसाइलों की पहली खेप 18 अक्तूबर 2025 को औपचारिक रूप से लॉन्च की जाएगी। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। आधिकारिक स्रोतों के मुताबिक संयंत्र पहले वर्ष में करीब 100 सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों का उत्पादन करेगा और बाद में यह क्षमता 1500 मिसाइलों तक बढ़ाने की योजना है।
लखनऊ के भटगांव में रूस-भारत संयुक्त उद्यम के तहत निर्मित इस सुविधा का उद्घाटन इस वर्ष 11 मई को रक्षा मंत्री ने किया था। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने बताया कि 300 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 80 एकड़ में निर्मित संयंत्र में प्रारम्भिक उत्पादन व परीक्षण का काम जारी है।
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बता दें की ब्रह्मोस मिसाइल की श्रेणी में आने वाली यह मिसाइलें उच्च गति (लगभग ध्वनि गति का तीन गुना) व 400 किलोमीटर तक की मारक क्षमता के साथ जमीन, वायु और समुद्र प्लेटफॉर्म से संचालित की जा सकती हैं — कंपनी व आधिकारिक विवरण के अनुसार रडार-इवेजन और सटीक लक्ष्यबद्धता इसकी विशेषताएँ हैं।
प्रदेश में लखनऊ के अलावा कानपुर, अलीगढ़, आगरा, चित्रकूट व झांसी में रक्षा औद्योगिक गलियारे के नोड स्थापित किए गए हैं। कानपुर में अदाणी डिफेंस सिस्टम्स ने गोला-बारूद उत्पादन के लिए संयंत्र शुरू किया है, जबकि अलीगढ़ में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफ़ेयर और सैटेलाइट उपकरणों का उत्पादन चल रहा है। लखनऊ की ब्रह्मोस इकाई में आगे एसएमटीसी जैसी सहायक संस्थाओं की स्थापना भी की जा रही है, जिनका शिलान्यास 26 दिसंबर 2021 को पहले किया गया था।
इस पहल के सरकारी बयानों का उद्देश्य घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षमता बढ़ाना, रणनीतिक आत्मनिर्भरता सुदृढ़ करना और रक्षा निर्यात के अवसर पैदा करना बताया जा रहा है।



