न्यूज़ डेस्क /सर्वोदय न्यूज़:- बरेली में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं के बाद मौके का जायजा लेने जा रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को प्रशासन ने बरेली जाने की इजाजत नहीं दी है। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे नेता विपक्ष माता प्रसाद पांडेय को उनके लखनऊ स्थित आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया है।
हाउस अरेस्ट के बाद मीडिया से बातचीत में माता प्रसाद पांडेय ने प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा,“हमको दरोगा चिट्ठी लिखता है। कलेक्टर लिखता तो मान भी लेते, लेकिन पीजीआई थाने का दरोगा मुझे नोटिस दे रहा है कि आप नहीं जा सकते।”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें इसलिए रोका क्योंकि वह बरेली जाकर सच उजागर कर सकते थे“हम कोई माहौल बिगाड़ने नहीं जा रहे थे। प्रशासन ने जो गलत कार्य किए हैं, उन्हें छिपाने के लिए हमें रोका गया है।”
क्या है मामला?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रतिनिधिमंडल को बरेली भेजा गया था ताकि 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल की वस्तुस्थिति का पता लगाया जा सके। परंतु जिला प्रशासन ने सभी राजनीतिक प्रतिनिधियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
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माता प्रसाद पांडेय ने बताया कि उन्हें देर रात सूचना दी गई और सुबह से पहले ही उनके घर के बाहर पुलिस की भारी मौजूदगी थी। उन्हें नोटिस देकर कहा गया कि वे घर से बाहर नहीं निकल सकते।
कौन-कौन हैं प्रतिनिधिमंडल में?
सपा के इस 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेता:माता प्रसाद पांडेय (नेता प्रतिपक्ष), सांसद हरेंद्र मलिक, सांसद इकरा हसन, सांसद जियाउर्रहमान बर्क, मोहिबुल्लाह, नीरज मौर्य, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, वीरपाल सिंह, जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, विधायक अताउर रहमान, शहजिल इस्लाम, पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार, प्रदेश सचिव शुभलेश यादव |
अब यह स्पष्ट नहीं है कि इन नेताओं में से कोई बरेली जा पाएगा या नहीं। प्रशासन की सख्ती को देखते हुए संभावना यही है कि सभी नेताओं को रोका जाएगा।



