न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- हाल ही में जुमे की नमाज के बाद बरेली में भड़के बवाल के बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। घटना के बाद हालात का जायजा लेने के लिए समाजवादी पार्टी ने शनिवार को एक 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बरेली भेजने का निर्णय लिया है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में कैराना से सांसद इकरा हसन, संभल से सांसद जियाउर्रहमान बर्क, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, विधायक अताउर रहमान, पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर यह दल पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर, जिला प्रशासन से बात करेगा और फिर पार्टी मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
प्रशासन ने कसी कमर, नेताओं के प्रवेश पर रोक
बरेली प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में किसी भी राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं को नजरबंद (हाउस अरेस्ट) करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सपा का आरोप – शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर चला बुलडोजर
सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने आरोप लगाया कि 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोग शांतिपूर्ण तरीके से डीएम को ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई लोग घायल हुए।
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इसके अलावा कई घरों और दुकानों पर बुलडोजर चलाए गए। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए पार्टी प्रतिनिधिमंडल को बरेली भेजा जा रहा है।
पुलिस कार्रवाई तेज, अब तक 89 गिरफ्तार
पुलिस ने अब तक बरेली बवाल के संबंध में कुल 10 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें 126 नामजद और 3225 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। अब तक 89 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मौलाना तौकीर और उनके करीबी भी शामिल हैं। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश के लिए करीब 350 मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर रखा है।
जुलूस-ए-गौसिया स्थगित
शहर के संवेदनशील माहौल को देखते हुए दरगाह आला हजरत की ओर से शनिवार को निकलने वाला जुलूस-ए-गौसिया रद्द कर दिया गया है। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे अपने-अपने घरों में फातेहा पढ़ें और लंगर वितरित करें।



