न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां ने एक बार फिर अपने तीखे लहजे से राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी के पुराने बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आजम खां ने कहा,”मैं सुधार गृह से आया हूं पर सुधरा नहीं हूं।”
यह बयान उन्होंने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान बुधवार को दिया। उनके इस व्यंग्यपूर्ण टिप्पणी को नदवी के उस बयान से जोड़ा जा रहा है जिसमें उन्होंने चुनाव जीतने के बाद कहा था कि “सुधार गृह गया हूं, उम्मीद है कि अब सुधर कर लौटूंगा।”
सांसद के पुराने बयान से उठी थी राजनीतिक गरमाहट
लोकसभा चुनाव जीतने के बाद मुरादाबाद से सांसद मौलाना नदवी के बयान को आजम खां के समर्थकों ने अपमानजनक माना था। उस वक्त: डॉ. तजीन फातिमा (आजम खां की पत्नी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी |
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सपा नेता वीरेंद्र गोयल ने अपने आवास पर बने सपा कार्यालय से अखिलेश यादव की फोटो तक हटा दी थी |समर्थकों ने इसे सीधा आजम खां पर तंज माना था
23 महीने की जेल का दर्द: “सोचने की ताकत भी खत्म हो गई थी”
आजम खां ने इंटरव्यू के दौरान जेल के अनुभवों को भी साझा किया: “जेल में एहसास नहीं होता था कि मैं कहां हूं। सोचने-समझने की शक्ति खत्म हो गई थी।” “तन्हाई का आलम यह था कि सिर्फ सन्नाटा और मालिक की याद थी।” “बाहर की कोई खबर नहीं मिलती थी — न अखबार, न टेलीफोन की सुविधा।” “302 के मुल्जिमों को सहूलियतें मिलती थीं, रेप के आरोपियों को भी, पर मुझे नहीं।”
उन्होंने जेल प्रशासन पर भी पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि “मेरे सोचने से क्या होता, सोचना तो उन्हें था जो देश चला रहे हैं।”



