न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के चेयरमैन अजय कुमार ने साफ किया है कि IAS परीक्षा की आयु सीमा और प्रयास (Attempt) की संख्या घटाने या बढ़ाने का कोई प्रस्ताव आयोग के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर कई तरह के विचार जरूर आते हैं, लेकिन वर्तमान में कोई बदलाव की योजना नहीं है।
डिजिलॉकर से होंगे डॉक्यूमेंट्स वेरीफाई
अजय कुमार ने कहा कि आयोग अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए डिजिलॉकर से डॉक्यूमेंट लेने की योजना बना रहा है।
कोचिंग जरूरी नहीं UPSC में सफलता के लिए
यूपीएससी प्रमुख ने यह भी कहा कि परीक्षा पास करने के लिए कोचिंग अनिवार्य नहीं है। उन्होंने उदाहरण दिया कि सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने वाले ज्यादातर इंजीनियरिंग छात्र भी मानविकी विषय चुन रहे हैं, यानी बैकग्राउंड चाहे जो हो, मेहनत और रणनीति से सफलता मिल सकती है।
धोखाधड़ी पर UPSC का सख्त रुख
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई अभ्यर्थी ऐसा करता है तो उसके खिलाफ:
- आपराधिक प्राथमिकी दर्ज होगी
- 3 साल तक UPSC परीक्षा में बैन
- करियर पर दीर्घकालिक असर
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उन्होंने पूर्व आईएएस पूजा खेडकर के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन करने पर केंद्र सरकार ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था।
फेस रिकग्निशन से एग्जाम सेंटर में एंट्री
अजय कुमार ने बताया कि चेहरे की पहचान (Face Recognition) तकनीक से अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है, ताकि फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके।



