न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- छत्तीसगढ़ राज्य के गरियाबंद जिले में गुरुवार को सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। CRPF, STF और कोबरा बटालियन की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 10 माओवादी ढेर किए जा चुके हैं। इस मुठभेड़ में 1 करोड़ रुपये का इनामी माओवादी कमांडर बालकृष्ण भी मारा गया है।
रायपुर रेंज के IG अमरेश मिश्रा ने बताया कि सुरक्षाबलों को मैनपुर थाना क्षेत्र के घने जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद विशेष अभियान दल को भेजा गया। मुठभेड़ सुबह से ही रुक-रुक कर जारी रही, जिसमें अब तक 10 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
ऑपरेशन से पहले मिली थी इनपुट
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर बालकृष्ण समेत कई टॉप माओवादी छिपे हुए हैं। इसके बाद गरियाबंद की E-30 यूनिट, STF और कोबरा की टीम ने अभियान चलाया।
बालकृष्ण कौन था?
बालकृष्ण ओडिशा स्टेट कमेटी का सक्रिय सदस्य था और सुरक्षा एजेंसियों के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था। वह बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था। उस पर ₹1 करोड़ का इनाम घोषित था।
नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन मार्च 2026
छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद को पूर्णतः समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में बरसात के मौसम में भी एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं, जो पहले कम ही देखे जाते थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इलाके में अभी भी गोलीबारी चल रही है, और बैकअप फोर्स रवाना कर दी गई है। कोबरा कमांडो और विशेष बल मौके पर डटे हुए हैं।



