न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को श्रीनगर के सर्किट हाउस में नजरबंद कर दिए जाने का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। गुरुवार को उन्होंने दावा किया कि उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस और धरना देने से रोका गया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को उनसे मिलने तक नहीं दिया गया।
संजय सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह गेस्ट हाउस के बंद गेट पर चढ़कर पुलिस से बहस करते दिख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतंत्र के खिलाफ है और सरकार विपक्ष की आवाज़ को दबा रही है।
संजय सिंह बोले – “तानाशाही चरम पर है”
संजय सिंह ने कहा:”आज मुझे और मेरे सहयोगियों को प्रेस कांफ्रेंस और धरना देने से रोका गया। मुझे श्रीनगर में हाउस अरेस्ट कर दिया गया है। लोकतंत्र में आवाज उठाना हमारा अधिकार है।”.
बहुत दुःख की बात है जम्मू कश्मीर के कई बार मुख्यमंत्री रहे डॉक्टर फारूख अब्दुल्ला जी पुलिस द्वारा मुझे हाउस अरेस्ट किए जाने की ख़बर पाकर मुझसे मिलने सरकारी गेस्ट में आये उन्हें मिलने नहीं दिया गया।
ये तानाशाही नहीं तो और क्या है? pic.twitter.com/MOcNb1heE6— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) September 11, 2025
उन्होंने बताया कि वह पार्टी के एकमात्र विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध जताने श्रीनगर पहुंचे थे, जिन्हें हाल ही में PSA (पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट) के तहत हिरासत में लिया गया है।
फारूक अब्दुल्ला बोले – “मैं सिर्फ हालचाल पूछने गया था”
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से कहा,”मैं सिर्फ संजय सिंह जी से उनका हालचाल पूछने गया था लेकिन उन्हें गेस्ट हाउस में बंद कर दिया गया था। मुझे दुख हुआ कि मिलने तक नहीं दिया गया। मैं उपराज्यपाल से अपील करूंगा कि नेताओं और जनता के अधिकारों का सम्मान किया जाए।”
केजरीवाल ने साधा निशाना
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी और लिखा:”एक पूर्व मुख्यमंत्री को राज्य के गेस्ट हाउस में कैद किए सांसद से मिलने नहीं दिया गया। यह लोकतंत्र नहीं, खुली तानाशाही और गुंडागर्दी है।”



