Thursday, February 12, 2026

Buy now

spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

भारतीय सेना की तैयारी: ‘भैरव कमांडो’ करेंगे दुश्मन का काम तमाम, अक्टूबर में तैनाती

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय सेना पाकिस्तान और चीन से लगी सीमाओं पर त्वरित और प्रभावी हमलों की क्षमता को बढ़ाने के लिए ‘भैरव’ लाइट कमांडो बटालियनों की स्थापना कर रही है। इन बटालियनों का लक्ष्य दुश्मन पर तेज़ और घातक हमलों को अंजाम देना है। सेना की योजना है कि 31 अक्टूबर तक पहली पांच ‘भैरव’ यूनिट्स पूरी तरह से तैयार हो जाएं, हालांकि इसमें थोड़ा और समय भी लग सकता है।

‘भैरव कमांडो’ बटालियनों का गठन

सैन्य सूत्रों के मुताबिक, ‘भैरव’ कमांडो बटालियनों का गठन विशेष रूप से प्रशिक्षित और सुसज्जित सैनिकों से किया जाएगा। हर बटालियन में 250 कमांडो होंगे, जो उन्नत हथियारों, उपकरणों और ड्रोनों से लैस होंगे। इन बटालियनों का उद्देश्य दुश्मन की सीमाओं में त्वरित घुसपैठ और स्मार्ट सैन्य ऑपरेशंस को अंजाम देना होगा।

बटालियनों की तैनाती और स्थान

  • तीन बटालियनों का गठन उधमपुर स्थित उत्तरी कमान के तहत किया जाएगा, जिनमें लेह, श्रीनगर, और नगरोटा स्थित यूनिट्स शामिल हैं।
  • चौथी बटालियन पश्चिमी क्षेत्र के रेगिस्तानी इलाके में तैनात की जाएगी, जबकि पांचवीं बटालियन पूर्वी क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में बनाई जाएगी।

विशेष प्रशिक्षण और रणनीति

इन भैरव कमांडो बटालियनों को पैरा-स्पेशल फोर्सेस और अन्य विशेष बलों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। हर बटालियन में 7-8 अधिकारी होंगे, जो विशेष रूप से सैन्य मिशनों में माहिर होंगे। सूत्रों के अनुसार, इन कमांडो की योजना विशेष बलों को अधिक महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने में सहायता प्रदान करना है।

उन्नत हथियारों और तकनीकी सुसज्जीकरण

भैरव कमांडो बटालियनों को अत्याधुनिक हथियारों, उपकरणों, और ड्रोन तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे ये बटालियन छोटी, फुर्तीली और उच्च-प्रभाव वाली सामरिक कार्रवाइयों को सफलतापूर्वक अंजाम दे सकें। यह बटालियनों को सेना की मौजूदा 10 पैरा-स्पेशल फोर्सेस और 5 पैरा (एयरबोर्न) बटालियनों के अतिरिक्त रखा जाएगा।

सेना प्रमुख की घोषणा

जनरल उपेंद्र द्विवेदी, भारतीय सेना के प्रमुख, ने 26 जुलाई को इस बात की घोषणा की थी कि ‘रुद्र’ ब्रिगेड, ‘शक्तिबाण’ तोपखाना रेजिमेंट, और ‘भैरव बटालियनों की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया था कि अब सभी पैदल सेना बटालियनों में समर्पित ड्रोन प्लाटून होंगे।

त्रि-सेवा संयुक्त सिद्धांत

भारत की त्रि-सेवा (सेना, वायुसेना, और नौसेना) के एक नए संयुक्त सिद्धांत के तहत, वायुसेना में गरुड़ कमांडो और नौसेना में मार्कोस को भी ऑपरेशनों में सहयोग देने के लिए तैनात किया जाएगा। इस सिद्धांत की प्रस्तावना में सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा, “विशेष बल अपनी फुर्ती, रणनीतिक पहुंच और मिशन-विशिष्ट क्षमताओं के कारण असाधारण परिचालन प्रभाव उत्पन्न करने के लिए आदर्श रूप से उपयुक्त हैं।”

अक्टूबर तक पूरी तरह से तैयार

सेना का उद्देश्य 31 अक्टूबर 2025 तक पहले पांच ‘भैरव’ यूनिट्स को पूरी तरह से तैयार करना है। इसके बाद, इन कमांडो बटालियनों को सीमाओं पर तैनात कर दिया जाएगा ताकि भारतीय सेना की सैन्य ताकत में और वृद्धि हो सके।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

1,388FansLike
133FollowersFollow
621SubscribersSubscribe
- Advertisement -[cricket_score]

Latest Articles