न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की जेल व्यवस्था में एक बड़ा कदम उठाते हुए गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को शनिवार सुबह गाजीपुर जिला जेल से कासगंज जेल में शिफ्ट कर दिया गया। लगभग 12 घंटे की कड़ी सुरक्षा के बीच यात्रा के बाद, उमर अंसारी को शाम 5:52 बजे कासगंज जेल में दाखिल किया गया।
उमर पर आरोप है कि उसने अपनी मां आफ्शा अंसारी, जो कि ₹50,000 की इनामी हैं, के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका में गाजीपुर शहर कोतवाली के अंतर्गत कुर्क की गई संपत्ति को छुड़ाने की मांग की गई थी।
क्या है पूरा मामला?
उमर अंसारी ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई संपत्ति को छुड़ाने के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।आरोप है कि याचिका में आफ्शा अंसारी का फर्जी हस्ताक्षर किया गया।मामला सामने आने पर उमर और उसके वकील लियाकत अली के खिलाफ केस दर्ज हुआ।उमर को लखनऊ से गिरफ्तार कर गाजीपुर जेल में भेजा गया था।एडीजे कोर्ट ने उमर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
लियाकत अली की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज
इस मामले में उमर के वकील लियाकत अली की अग्रिम जमानत याचिका भी शुक्रवार को एडीजे शक्ति सिंह की अदालत ने खारिज कर दी। पुलिस अभी तक लियाकत को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
उमर ने कहा – “गलत फंसाया गया है”
जेल में दाखिल होने से पहले मीडिया से बात करते हुए उमर ने कहा कि “मुझे झूठे केस में फंसाया गया है।” कासगंज जेल में उसे सुरक्षित बैरक में रखा गया है और सीसीटीवी निगरानी में रखा जा रहा है।



