लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) पर तीखा हमला करते हुए इसे ‘लुटेरों का गैंग’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने सरकारी संस्थानों और संसाधनों पर कब्जा कर लिया है और अब यह पार्टी आम जनता के अधिकारों को भी छीनने पर तुली हुई है। यादव का कहना था कि भाजपा देश की सबसे झूठी पार्टी है, जिनके झूठ की कोई सीमा नहीं है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा का असली एजेंडा लोगों के साथ अन्याय और उत्पीड़न करना है। उनका दावा था कि इस सरकार में किसी को भी न्याय नहीं मिल रहा और सत्तारूढ़ दल ने चुनावी प्रक्रिया में धांधली की है। अखिलेश ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने इसे ‘आजादी का चुनाव’ और ‘संविधान और अधिकारों को बचाने का चुनाव’ बताया।
पीडीए कार्यकर्ताओं ने सपा को समर्थन दिया
पार्टी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों से 65 से अधिक पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की। सभी नेताओं ने एकजुट होकर समाजवादी पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव में बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से कहा, “सपा की सरकार में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, हर किसी को न्याय और सम्मान मिलेगा और प्रदेश में अवरुद्ध विकास कार्य फिर से शुरू होंगे।”
भा.ज.पा. के खिलाफ आर्थिक और कूटनीतिक आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि न केवल प्रदेश, बल्कि केंद्र की भाजपा सरकार ने भी देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की समस्याओं को बढ़ते हुए बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के बड़े दावों के बावजूद विदेश नीति पूरी तरह से विफल रही, और जब जरूरत पड़ी, तो कोई भी देश भारत के साथ खड़ा नहीं हुआ।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सेना ने मजबूती से लड़ाई लड़ी और अगर केंद्र सरकार की कोई चूक नहीं होती, तो भारतीय सेना पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) को ले भी सकती थी।
किसान समस्या और खाद संकट पर बयान
अखिलेश यादव ने प्रदेश में खाद की किल्लत का भी जिक्र किया और कहा कि किसान खाद के लिए लंबी लाइनों में खड़े हैं, लेकिन उन्हें खाद की बजाय पुलिस की लाठियां मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है, और उनकी मांगों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें दमन का सामना करना पड़ रहा है।



