नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:– उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रत्याशी सी.पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद रहे और उन्होंने राधाकृष्णन के लिए पहले प्रस्तावक के रूप में नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किए।
संसद भवन में दिखी NDA की एकजुटता
नामांकन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, ललन सिंह और संजय झा जैसे कई दिग्गज नेता संसद भवन में उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर NDA उम्मीदवार के समर्थन का प्रदर्शन किया।
सी.पी. राधाकृष्णन: अनुभव और पृष्ठभूमि
सी.पी. राधाकृष्णन दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु की राजनीति में एक जाना-माना नाम हैं। वह कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं। नामांकन से पहले उन्होंने संसद परिसर में स्थित प्रेरणा स्थल पर जाकर महात्मा गांधी सहित अन्य राष्ट्रीय नेताओं को श्रद्धांजलि दी।
उपराष्ट्रपति चुनाव का समीकरण
संसद में एनडीए के बहुमत को देखते हुए माना जा रहा है कि सी.पी. राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति बनना लगभग तय है। हालांकि, विपक्षी गठबंधन INDIA (Indian National Developmental Inclusive Alliance) ने इस बार उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना संयुक्त उम्मीदवार बनाया है।
क्यों अहम है उपराष्ट्रपति चुनाव 2025?
भारत का उपराष्ट्रपति, राज्यसभा का सभापति भी होता है, इसलिए यह चुनाव सिर्फ एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों और गठबंधन की ताकत का भी संकेतक होता है। उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में जहां एनडीए ने अपने अनुभवशील नेता को मैदान में उतारा है, वहीं विपक्ष न्यायपालिका की साख के साथ मैदान में उतर रहा है।



