स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- इंग्लैंड दौरे पर सिर्फ तीन टेस्ट खेलने के बाद जसप्रीत बुमराह की आलोचना तेज हो गई है। क्रिकेट फैंस और कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि जब भारत सीरीज में पिछड़ रहा था, तब टीम के सबसे भरोसेमंद तेज़ गेंदबाज़ को अंतिम टेस्ट खेलना चाहिए था। लेकिन बुमराह ने वर्कलोड मैनेजमेंट को देखते हुए पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह केवल तीन टेस्ट के लिए ही उपलब्ध होंगे।
इस बीच, पूर्व भारतीय ओपनर और मौजूदा क्रिकेट एक्सपर्ट आकाश चोपड़ा ने बुमराह का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि बुमराह जैसे गेंदबाज़ को लेकर आलोचनात्मक रुख अपनाना गलत है और इससे खिलाड़ी समय से पहले संन्यास लेने के लिए मजबूर हो सकता है।
आकाश चोपड़ा ने क्या कहा?
अपने यूट्यूब चैनल पर आकाश चोपड़ा ने कहा:“बुमराह जैसा गेंदबाज़ कोई नहीं है। वह 24 कैरेट शुद्ध सोना हैं। उन्हें कोहिनूर हीरे की तरह संभालना चाहिए। जबरदस्ती उन पर दबाव डालकर उन्हें जल्द संन्यास लेने के लिए मजबूर न करें।”
उन्होंने आगे यह भी कहा:“टेस्ट सीरीज़ में गेंदबाज़ों को रोटेट किया जाना चाहिए। बुमराह को तभी खिलाना चाहिए जब वह उपलब्ध हों। यह जरूरी नहीं कि वह हर टेस्ट खेलें, लेकिन जब भी वह टीम के लिए उपलब्ध हों, उन्हें प्राथमिकता देनी चाहिए।”
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बुमराह की वापसी: एशिया कप 2025 में दिख सकते हैं एक्शन में
टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद बुमराह अब वाइट बॉल क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। उन्होंने खुद को एशिया कप 2025 के लिए उपलब्ध बताया है और उम्मीद है कि वे टूर्नामेंट में भारतीय पेस अटैक की अगुवाई करेंगे।
बुमराह ने बीते कुछ सालों में कई बार चोटों का सामना किया है, खासकर पीठ की गंभीर समस्या से जूझने के बाद उन्होंने खेल में सीमित वापसी की है। इसी कारण से बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट उन्हें लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।



