न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- फतेहपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित रेडइया मोहल्ले के आबू नगर में मकबरा-मंदिर विवाद को लेकर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। सोमवार को हिंदूवादी संगठनों ने विवादित स्थल पर मजार में तोड़फोड़ कर भगवा झंडा फहरा दिया, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोग भी मौके पर पहुंच गए और पथराव की घटना सामने आई। स्थिति को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
क्या है विवाद?
विवादित स्थल सरकारी अभिलेखों में खसरा संख्या 753 पर स्थित है, जिसे रिकॉर्ड में “मकबरा मंगी” के नाम से दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति और कुछ हिंदू संगठन इसे ठाकुर जी का मंदिर बता रहे हैं। इनका आरोप है कि यह पहले मंदिर था, जिसे बाद में मकबरे का रूप दे दिया गया।
कैसे भड़का विवाद?
सोमवार को जन्माष्टमी के मौके पर हिंदू संगठनों ने वहां पूजा की घोषणा की थी। पुलिस ने पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर पूजा पर रोक लगा दी थी, लेकिन इसके बावजूद हजारों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़कर मजार परिसर में प्रवेश कर लिया। वहां तोड़फोड़ की गई और धार्मिक झंडा लगा दिया गया।
मुस्लिम समुदाय की प्रतिक्रिया
घटना के बाद पास ही मौजूद मुस्लिम समुदाय के लोग भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच पथराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, समय रहते पुलिस बल ने स्थिति को संभाल लिया। मौके पर कई थानों की फोर्स, प्रशासनिक अधिकारी, और RAF की तैनाती कर दी गई है।
जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने बताया:”विवाद को लेकर दोनों समुदायों के बीच बैठक कराई गई थी। आज भी लोगों से बात की गई और किसी प्रकार से कानून-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया गया। वीडियो ग्रैफिंग की जा रही है और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम से जांच कराई जाएगी।” उन्होंने मीडिया से अफवाह न फैलाने की अपील भी की और कहा कि अभी तक स्थिति नियंत्रण में है।



