गलत मरीज को दिया गया ऑपरेशन इंजेक्शन, ब्रजेश पाठक सख्त, उरई मेडिकल कॉलेज के 5 कर्मी निलंबित

उरई (जालौन)/सर्वोदय न्यूज़– राज्य के राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई में घोर लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग को हिलाकर रख दिया है। एक मरीज को बिना ऑपरेशन की सलाह के ऑपरेशन टेबल पर लिटा दिया गया और उसे इंजेक्शन तक दे दिया गया। मरीज के शोर मचाने के बावजूद मेडिकल स्टाफ ने उसकी बात नहीं सुनी। जैसे-तैसे मौका मिलते ही मरीज ऑपरेशन थिएटर से भाग निकला।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, माधौगढ़ के डिकोली गांव निवासी बृजेश चौधरी को पेट दर्द की शिकायत के बाद 28 जुलाई को उरई के राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने आंतों में सूजन की बात कहकर दूसरे दिन डिस्चार्ज करने की बात कही थी।

लेकिन अगली सुबह, मेडिकल स्टाफ ने बिना स्पष्ट कारण बताए मरीज को ऑपरेशन थिएटर में पहुंचा दिया। जब मरीज ने विरोध किया और कहा कि उसे डिस्चार्ज किया जाना है, तो भी किसी ने उसकी एक न सुनी। दो इंजेक्शन लगाने के बाद, मरीज घबराकर थिएटर से भाग खड़ा हुआ।

ब्रजेश पाठक ने जताई नाराजगी, सख्त कार्रवाई

उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मामले को “घोर लापरवाही” करार देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य प्रणाली पर जनता का भरोसा तोड़ती हैं। उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुए एक संयुक्त जांच समिति गठित कर दी है, जिसमें कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी और फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत अवस्थी शामिल हैं।

इन स्वास्थ्यकर्मियों को किया गया निलंबित:

डॉ. सुधांशु शर्मा – सहायक आचार्य, सर्जरी विभाग
डॉ. विशाल त्यागी – सीनियर रेजिडेंट
ऊषा देवी – नर्स
आम्रपाली एस. लाल – नर्स
स्नेहप्रभा – नर्स

इन सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें प्रधानाचार्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।निलंबन के साथ-साथ दो सदस्यीय जांच समिति को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही इन कर्मचारियों पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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