लखनऊ, 23 जुलाई 2025 — भारतीय रेलवे परिवहन प्रबंधन संस्थान (IRITM), लखनऊ में दिव्यांगजन संवेदीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं को दिव्यांगजनों की जरूरतों और उनके अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना था।
कार्यशाला का नेतृत्व डॉ. कौशल शर्मा ने किया, जो वर्तमान में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में विशेष शिक्षा संकाय के डीन एवं श्रवण बाधित और बौद्धिक दिव्यांगता विभाग के विभागाध्यक्ष हैं। डॉ. शर्मा ने एम.जे.पी. रोहिलखंड विश्वविद्यालय से विशेष आवश्यकता शिक्षा में पीएच.डी. प्राप्त की है और वे पिछले 28 वर्षों से दिव्यांगता एवं पुनर्वास के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे कई गैर-सरकारी संगठनों और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी जुड़े रहे हैं।
कार्यशाला में डॉ. शर्मा ने समावेशी शिक्षा, सुलभ बुनियादी ढांचे और दिव्यांगजनों के लिए बाधा-मुक्त वातावरण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को दिव्यांगजनों की चुनौतियों को समझने और उनके समाधान की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर संस्थान के अपर महानिदेशक संजय त्रिपाठी ने कहा कि यह कार्यशाला IRITM द्वारा दिव्यांगजन के प्रति सहानुभूतिपूर्ण और समावेशी माहौल विकसित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ संस्थागत सुधारों को भी गति देते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर प्रोफेसर प्रगति कुमार ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. शर्मा द्वारा साझा की गई महत्वपूर्ण जानकारियों और सभी की सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया।

इस कार्यशाला ने दिव्यांगजनों की वास्तविक जरूरतों को समझने और संस्थागत परिवेश को उनके अनुकूल बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में भूमिका निभाई। उक्त जानकारी कृष्णा तिवारी,प्रोफेसर (प्रशासन) द्वारा दी गई |



