लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:-400 करोड़ रुपए के बहुचर्चित घूसकांड में फंसे निलंबित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद सरकार ने उन्हें औपचारिक चार्जशीट थमा दी है। आरोप है कि अभिषेक प्रकाश ने इन्वेस्ट यूपी और डिफेंस कॉरिडोर परियोजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताएं कीं।
अभिषेक प्रकाश 2010 बैच के IAS अधिकारी हैं और उन्होंने लखनऊ के जिलाधिकारी, CEO इन्वेस्ट यूपी, और कई अन्य रणनीतिक पदों पर कार्य किया है। हाल ही में सामने आए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
चार्जशीट के मुख्य बिंदु:
1. निवेश सौदों में घूसखोरी का आरोप
इन्वेस्ट यूपी के CEO के रूप में कार्य करते हुए अभिषेक प्रकाश पर आरोप है कि उन्होंने निवेश प्रस्तावों की मंजूरी के बदले निवेशकों से मोटी रकम वसूली।
2. डिफेंस कॉरिडोर भूमि घोटाला
उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत भूमि आवंटन में भारी गड़बड़ी की गई। आरोप है कि मनमाने तरीके से फैसले लिए गए, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान हुआ।
3. वित्तीय अनुशासन का उल्लंघन
प्रभावशाली प्रशासनिक पदों पर रहते हुए उन्होंने सरकारी वित्तीय नियमों की लगातार अनदेखी की। कई फैसले नियमविरुद्ध और व्यक्तिगत लाभ के लिए लिए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “चाहे अधिकारी कितना भी वरिष्ठ हो, कानून से ऊपर कोई नहीं।”
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट, डिजिटल सबूतों और गवाहियों के आधार पर यह चार्जशीट तैयार की गई है। अब यह मामला सिविल सेवा (आचरण) नियमावली के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की ओर बढ़ रहा है। जल्द ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जा सकती है।



