लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:- आज के समय में लोग कुत्ते और बिल्ली के अलावा ऐसे पालतू पक्षियों को भी पालना पसंद करते हैं जो इंसानी आवाज की नकल कर सकते हैं। ये पक्षी न केवल मनोरंजन करते हैं, बल्कि घर का माहौल भी खुशनुमा बना देते हैं। आइए जानते हैं ऐसे 8 प्रमुख पक्षियों के बारे में:
1. अफ्रीकन ग्रे पैरट – बुद्धिमत्ता का चमत्कार
- यह दुनिया का सबसे समझदार और बोलने में सक्षम तोता माना जाता है।
- यह 1000 से अधिक शब्द याद रख सकता है।
- इंसानी भावनाओं को समझने में भी सक्षम होता है।
- नियमित बातचीत और ध्यान इसकी मानसिक क्षमता को बढ़ाता है।
2. अमेज़न पैरट – रंग–बिरंगी आवाज़ों का बादशाह
- यह पक्षी उत्साहपूर्ण स्वभाव का होता है और संगीत की धुनों को आसानी से पकड़ लेता है।
- बहुत जल्दी इंसानी शब्दों को पकड़ता है और भाव के साथ बोलता है।
- सही प्रशिक्षण से ये कई संवाद भी बोल सकता है।
3. इंडियन रिंगनेक पैरट – भारतीय बोलचाल का उस्ताद
- यह पक्षी हिन्दी और अन्य भाषाओं के छोटे वाक्य बोलने में सक्षम होता है।
- साफ उच्चारण और मधुर आवाज इसकी खासियत है।
- नियमित अभ्यास और बातचीत से यह बेहतर सीखता है।

4. कॉकटेल – छोटे पैकेट में बड़ा धमाका
- दिखने में छोटा लेकिन बहुत प्यारा और चंचल होता है।
- यह सीटियां बजाना, गाने की धुनें दोहराना और हल्की बातें कर सकता है।
- दोस्ताना स्वभाव का होता है।
5. बजरीगर (Budgerigar) – बच्चों का मनपसंद पक्षी
- यह छोटा और रंगीन पक्षी होता है।
- पुरुष बजरीगर मादा से ज्यादा अच्छे स्पीकर होते हैं।
- यह छोटे शब्द और वाक्य बोल सकता है।
6. मायना – भारत की पारंपरिक बोलने वाली चिड़िया
- यह पक्षी गांवों और कस्बों में आम होता था और बोलने में निपुण होता है।
- हिन्दी के शब्द और भावों को समझकर बोलता है।
- साफ आवाज और समझदारी इसकी पहचान है।
7. एक्लेक्टस पैरट – सौंदर्य और बोली दोनों में खास
- नर और मादा में रंगों का अंतर होता है – नर हरा, मादा लाल।
- ये पक्षी इंसानी बातचीत के उच्चारण को बारीकी से पकड़ते हैं।
- शांत वातावरण में यह जल्दी सीखता है।
8. क्वेकर पैरट (मोंक पैरट) – हसमुख और मिलनसार
- छोटा आकार लेकिन बोलने की क्षमता बहुत अच्छी।
- खुद से बातें करना और घरवालों के शब्द दोहराना इसकी आदत है।
- सही ध्यान और प्यार से यह बहुत कुछ सीख सकता है।

इन पक्षियों की देखभाल कैसे करें?
डॉ. प्रियांका तिवारी के अनुसार:
हर दिन कम से कम 1 घंटा संवाद करें। पक्षी के पिंजरे को साफ रखें। संतुलित आहार और ताजे फल दें। मानसिक उत्तेजना के लिए खिलौने और दर्पण लगाएं। चिकित्सकीय जांच हर 6 महीने में कराएं।
बोलने वाले पालतू पक्षी न केवल आपके साथी बनते हैं, बल्कि बच्चों के लिए भी एक शिक्षाप्रद अनुभव होते हैं। सही देखभाल और प्यार से ये पक्षी परिवार का हिस्सा बन जाते हैं।




