लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- लखनऊ के एम. बी. गार्डन एवं रिजॉर्ट, बक्शी का तालाब में 8 जून 2025 को अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत – अवध प्रांत की प्रांतीय बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशा ताई जी और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं पर्यावरण आयाम प्रमुख डॉ. प्रमोद पांडेय जी ने मार्गदर्शन प्रदान किया। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष यशपाल सिंह ने की, जबकि संचालन प्रांतीय सचिव आशुतोष मिश्र ने किया।
बैठक के मुख्य बिंदु:
1. संगठन की भूमिका और कार्यकर्ता की जिम्मेदारी:
आदरणीय आशा ताई जी ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता के पास समस्याओं का समाधान भी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे स्थानीय समस्याओं पर कार्य करें, जैसे पेयजल, प्याऊ, मार्गदर्शन कैंप, और स्थाई ग्राहक मार्गदर्शन केंद्र खोलकर कार्य करें। उन्होंने सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से अपने कार्यों का प्रचार करने की आवश्यकता पर बल दिया।
2. विभिन्न आयामों पर कार्य:
डॉ. प्रमोद पांडेय ने स्वास्थ्य, शिक्षा, भ्रामक विज्ञापन, साइबर क्राइम, खाद्य पदार्थों में मिलावट, और वस्तुओं में शुद्धता जैसे विषयों पर कार्य करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने पैथोलॉजी जांच, प्राइवेट अस्पतालों के शुल्क, दवा की बढ़ती कीमतों, प्राइवेट स्कूलों की फीस, ऑनलाइन गेम के दुष्प्रभाव, बैंकिंग, बीमा कंपनियों, और आवास में बिल्डरों द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं में लापरवाही जैसे मुद्दों पर निरंतर कार्य करने का सुझाव दिया।
3. सदस्यता अभियान और जिलों की जिम्मेदारी:
प्रांतीय उपाध्यक्ष ओंकार पांडेय ने सदस्यता अभियान को प्राथमिकता देने की बात की। उन्होंने जिलों और तहसीलों में कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय करने, प्रवास कार्यक्रम आयोजित करने, और कार्यकर्ताओं को निपुण बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
4. आयुष्मान योजना में सुधार की आवश्यकता:
प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ. राम प्रताप सिंह बिसेन ने आयुष्मान योजना में सुधार की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि कई हिंदू परिवारों में 6 सदस्य नहीं होते, जिससे वे इस योजना का लाभ नहीं उठा पाते। उन्होंने सरकार से नियमों में सुधार की मांग की।
5. पारदर्शिता और कोष प्रबंधन:
प्रांतीय कोषाध्यक्ष रामशंकर अवस्थी ने संगठन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दानदाताओं के पैन नंबर, मोबाइल नंबर, और आधार कार्ड की छायाप्रति लेने की आवश्यकता बताई।
6. पर्यावरण संरक्षण:
प्रांतीय पर्यावरण आयाम प्रमुख प्रकाश चंद्र बरनवाल ने प्लास्टिक उत्पादों के उपयोग को कम करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे स्टील की बोतल का उपयोग करें और बैठकों में प्लास्टिक की बोतल का प्रयोग बंद करें।
7. संगठन के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता:
प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य हेमनारायण पाठक ने संगठन के प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर, बैनर, पंपलेट, और सोशल मीडिया के माध्यम से विचारों को जनमानस तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
8. सक्रिय कार्यकर्ताओं की आवश्यकता:
लखनऊ महानगर अध्यक्ष लक्ष्मीकांत ने जिले और महानगर कार्यकारिणी में सुधार की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि जो लोग सूचना होने के बावजूद बैठक में उपस्थित नहीं होते, उन्हें कार्यकारिणी में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
9. सामाजिक सरोकारों से जुड़ा कार्य:
राघवेंद्र प्रताप सिंह ने सामाजिक सरोकारों से जुड़ा कार्य करने की बात की। उन्होंने कहा कि जब हम समाज के लिए कार्य करेंगे, तो हमारा कार्य स्वतः ही आगे बढ़ेगा।
10. उपभोक्तावाद के प्रभाव:
राहुल तिवारी ने उपभोक्तावाद के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हमारी दिनचर्या विज्ञापनों पर आधारित होती जा रही है, जिससे हम अपनी परंपराओं से दूर हो रहे हैं।
11. प्रचार-प्रसार की आवश्यकता:
रविंद्र नाथ शुक्ल ने संगठन के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि हमें पोस्टर, बैनर, पंपलेट आदि लगाकर और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने विचारों को जनमानस तक पहुंचाना चाहिए।
12. कार्यों का मूर्त रूप देना:
प्रांतीय सचिव आशुतोष मिश्र ने बैठक में सभी सुझावों को कार्यवाही रजिस्टर पर नोट किया। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में इन सभी बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कार्यों को मूर्त रूप दिया जाएगा।
13. अध्यक्ष का उद्बोधन:
बैठक के समापन पर प्रांतीय अध्यक्ष यशपाल सिंह जी ने केंद्रीय दायित्ववान अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि हमें समाज के लिए कार्य करना चाहिए और संगठन को सशक्त बनाना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे जिलों की जिम्मेदारी लें और वहां पर कार्य खड़ा करें। उन्होंने कहा कि बिना कार्य किए कोई भी संगठन दिखाई नहीं देगा।
बैठक का समापन कल्याण मंत्र से हुआ, जिसे लखनऊ महानगर अध्यक्ष लक्ष्मीकांत पाण्डेय ने कराया।



