नेशनल डेस्क/नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण व्यापक तबाही मची हुई है। मणिपुर, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और असम में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मणिपुर: 3,800 से अधिक लोग प्रभावित, 883 घर क्षतिग्रस्त
मणिपुर में पिछले चार दिनों से मूसलधार बारिश जारी है, जिससे इंफाल पूर्वी जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। अब तक 3,800 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 883 घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। राज्य सरकार ने 31 राहत शिविर स्थापित किए हैं और सेना व असम राइफल्स की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इंफाल नदी का जलस्तर बढ़ने से ऑल इंडिया रेडियो और जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान जैसे प्रमुख संस्थान जलमग्न हो गए हैं।
सिक्किम: 1,500 से अधिक पर्यटक फंसे, 32 की मौत
सिक्किम में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 1,500 से अधिक पर्यटक उत्तर सिक्किम में फंसे हुए हैं। लाचुंग होटल एसोसिएशन और स्थानीय प्रशासन की मदद से बचाव कार्य जारी है। अब तक 32 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
अरुणाचल प्रदेश: 14 लोग सुरक्षित निकाले गए
अरुणाचल प्रदेश के निचली दिबांग घाटी में बाढ़ के कारण 14 लोग फंस गए थे। भारतीय वायुसेना ने एमआई-17 हेलीकॉप्टर की मदद से इन लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। यह अभियान राज्य प्रशासन के अनुरोध पर चलाया गया।
असम: 78,000 लोग प्रभावित, 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर
असम में 15 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर है, जहां 78,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 10 प्रमुख नदियां, जिनमें ब्रह्मपुत्र और बाराक शामिल हैं, खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सरकार ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं और प्रभावितों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आगामी सप्ताह, 6 जून तक अरुणाचल प्रदेश के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, असम, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के निवासियों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।



