तनाव और चिंता  भरे माहौल में पालतू जानवरों का महत्व और कोविड-19 के बाद आए परिवर्तन

लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:- आज के समय में जब दुनिया तेज़ी से बदल रही है और जीवनशैली अधिक प्रतिस्पर्धी व तनावपूर्ण होती जा रही है, ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर विषय बन गया है। तनाव (stress) और चिंता (anxiety) अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि यह समस्या हर उम्र और वर्ग के लोगों को प्रभावित कर रही है। ऐसे माहौल में पालतू जानवर (Pets) न केवल एक साथी होते हैं, बल्कि वे भावनात्मक सहारा भी प्रदान करते हैं। खासकर कोविड-19 महामारी के बाद, जब सामाजिक दूरी और अकेलापन आम हो गया था, तब पालतू जानवरों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई।

पालतू जानवरों का मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव:

  1. भावनात्मक सहारा: कुत्ते, बिल्ली, खरगोश आदि पालतू जानवर बिना किसी शर्त के प्रेम देते हैं। उनका सान्निध्य मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है।
  2. तनाव कम करना: रिसर्च से पता चला है कि पालतू जानवरों को दुलारना, उनके साथ खेलना या समय बिताना शरीर में ‘ऑक्सिटोसिन’ नामक हार्मोन का स्राव बढ़ाता है, जो खुशी और शांति का अनुभव कराता है।
  3. एकाकीपन से बचाव: कोविड-19 के दौरान जब लोग अपने घरों तक सीमित हो गए थे, तब पालतू जानवरों ने साथी बनकर अकेलेपन को दूर करने में मदद की।
  4. नियमित दिनचर्या: पालतू जानवरों की देखभाल एक जिम्मेदारी होती है, जिससे जीवन में नियमितता आती है और व्यक्ति खुद को व्यस्त महसूस करता है।

कोविड-19 के बाद क्या परिवर्तन आया?

  1. पालतू अपनाने की संख्या में वृद्धि: लॉकडाउन के दौरान दुनियाभर में लोगों ने बड़ी संख्या में जानवरों को गोद लिया। भारत में भी shelter homes से adoption की दर में भारी वृद्धि देखी गई।
  2. मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता बढ़ी: महामारी ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक नई जागरूकता पैदा की। लोग समझने लगे कि पालतू जानवर मानसिक सुकून का एक सशक्त माध्यम हो सकते हैं।
  3. वर्क फ्रॉम होम और pets: घर से काम करने के चलन ने पालतू जानवरों के साथ समय बिताने का अवसर दिया, जिससे उनका रिश्ता और गहरा हुआ।
  4. पेट फ्रेंडली नीतियों में वृद्धि: अब कई कंपनियाँ ‘पेट फ्रेंडली ऑफिस’ की पहल कर रही हैं, और समाज में पालतू जानवरों को अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।

आज के तनावपूर्ण और चिंता से भरे जीवन में पालतू जानवर केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि वे हमारे मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी साथी बन चुके हैं। कोविड-19 महामारी ने इस बात को और अधिक स्पष्ट किया है कि जब मानव संबंधों में दूरी आ जाती है, तब भी एक जानवर का निस्वार्थ प्रेम जीवन में रोशनी बनकर आता है। ऐसे में हमें न केवल उनके महत्व को समझना चाहिए, बल्कि उनके प्रति ज़िम्मेदार और संवेदनशील भी होना चाहिए।

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