Wednesday, June 17, 2026

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“पालतू दोस्तों की सुरक्षा का कवच: कुत्तों और बिल्लियों के टीकाकरण की पूरी जानकारी – डॉ. हेमंत कुमार तिवारी (पशु चिकित्सक)”

लाइफस्टाइल/सर्वोदय:- अगर आप पालतू कुत्ते या बिल्ली के मालिक हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि उन्हें कौन-कौन से टीके कब लगवाने चाहिए। इस लेख में डॉ. हेमंत कुमार तिवारी (पशु चिकित्सक) के अनुसार टीकाकरण क्यों ज़रूरी है, इसका सही समय क्या है और वैक्सीन के बाद जानवर की देखभाल कैसे करें।

कुत्तों और बिल्लियों जैसे पालतू जानवरों की सुरक्षा के लिए टीकाकरण एक अनिवार्य प्रक्रिया है। यह न केवल जानवर को गंभीर बीमारियों से बचाता है, बल्कि मनुष्यों और अन्य जानवरों को भी संक्रमण से सुरक्षित रखता है।

टीकाकरण का महत्व

कुत्तों और बिल्लियों में टीकाकरण का मुख्य उद्देश्य घातक संक्रामक रोगों की रोकथाम है। जैसे कि कुत्तों में रेबीज, कैनाइन डिस्टेंपर, पैरवोवायरस, लीप्टोस्पायरोसिस और हेपेटाइटिस जैसे रोग सामान्य हैं। वहीं बिल्लियों में फेलाइन पैनल्यूकोपीनिया, फेलाइन हर्पीसवायरस, फेलाइन कैलिसीवायरस और रेबीज प्रमुख रोग हैं। यह सभी बीमारियां जानलेवा हो सकती हैं, परंतु समय पर टीकाकरण से इनसे बचा जा सकता है।

कुत्तों का टीकाकरण समयसारणी

  • 6-8 सप्ताह: पहला टीका – डिस्टेंपर, हेपेटाइटिस, पैरवो और परैनफ्लूएंजा (DHPPi)
  • 10-12 सप्ताह: दूसरा डोज – DHPPi + लीप्टोस्पायरोसिस
  • 14-16 सप्ताह: तीसरा डोज – DHPPi + लीप्टो + रेबीज
  • वार्षिक टीकाकरण: प्रत्येक वर्ष एक बार DHPPi, लीप्टोस्पायरोसिस और रेबीज का बूस्टर डोज दिया जाना चाहिए।

बिल्लियों का टीकाकरण समयसारणी

  • 6-8 सप्ताह: पहला टीका – FVRCP (फेलाइन वायरल राइनोट्रैकाइटिस, कैलिसीवायरस, पैनल्यूकोपीनिया)
  • 10-12 सप्ताह: दूसरा डोज – FVRCP
  • 14-16 सप्ताह: तीसरा डोज – FVRCP + रेबीज
  • वार्षिक टीकाकरण: हर वर्ष एक बार FVRCP और रेबीज का बूस्टर टीका देना चाहिए।

टीकाकरण के बाद देखभाल

टीकाकरण के बाद कभी-कभी हल्का बुखार, सुस्ती, या इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन हो सकती है, जो सामान्य है और 24-48 घंटे में ठीक हो जाती है। यदि अधिक समय तक लक्षण बने रहें, तो नजदीकी पशु चिकित्सक से परामर्श लें। टीकाकरण के दिन जानवर को अधिक आराम दें और बहुत अधिक खेलने या घुमाने से बचें।

कुत्तों और बिल्लियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल उनके जीवन को सुरक्षित करता है, बल्कि उनके संपर्क में आने वाले अन्य जीवों और मनुष्यों को भी बीमारियों से बचाता है। हर पशुपालक को चाहिए कि वे अपने पालतू जानवरों का टीकाकरण समय पर करवाएं और एक स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

 डॉ. हेमंत कुमार तिवारी
पशु चिकित्सक

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