एटा/सर्वोदय:- उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एटा जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र में पुलिस आरक्षी भर्ती के दौरान मेडिकल परीक्षण के नाम पर अभ्यर्थियों से अवैध वसूली की जा रही थी। शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और गुरुवार को सुमित्रा डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापेमारी कर दो स्वास्थ्यकर्मियों को हिरासत में लिया गया।
जानिए पूरा मामला
कोतवाली नगर थाना प्रभारी के व्हाट्सएप नंबर पर एक वीडियो भेजा गया जिसमें भर्ती बोर्ड से जुड़े डॉक्टर अभ्यर्थियों से पैसे लेते हुए नजर आ रहे थे। वीडियो के साथ यह भी बताया गया कि मेडिकल में ‘फिट’ करने के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार सिंह और अपर जिला मजिस्ट्रेट सत्यप्रकाश सिंह ने तत्काल सुमित्रा डायग्नोस्टिक सेंटर और उससे संबद्ध कलावती सिटी स्कैन सेंटर पर संयुक्त छापा मारा।
छापेमारी के दौरान लवकुश नाम के एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए। पता चला कि भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों को पहले जानबूझकर ‘अनफिट’ बताया जाता था और फिर प्राइवेट जगह पर बुलाकर अवैध वसूली कर ‘फिट’ कर दिया जाता था।
वीडियो में दिखे डॉक्टर अनुभव और राहुल
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि डॉ. अनुभव अग्रवाल और डॉ. राहुल वार्ष्णेय एक व्यक्ति से पैसों का लेन-देन कर रहे हैं। एक अन्य वीडियो में मेडिकल परीक्षण के दौरान एक अभ्यर्थी कपड़े उतारते हुए भी नजर आता है, हालांकि यह वीडियो पुलिस ने सार्वजनिक नहीं किया है।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर कोतवाली नगर पुलिस ने आरोपी डॉक्टर अनुभव अग्रवाल (निवासी: परिणय कुंज, दिल्ली गेट, थाना हरी पर्वत, आगरा) और डॉक्टर राहुल वार्ष्णेय (निवासी: विजयनगर, थाना कोतवाली नगर, एटा) को गिरफ्तार कर लिया है। उनके विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मी
गिरफ्तारी में कोतवाली नगर प्रभारी अमित कुमार, उपनिरीक्षक अभिषेक वत्सल, उपनिरीक्षक मघेंद्र सिंह, कांस्टेबल जितेंद्र सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
क्या है आरोप
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 2023 की उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी सीधी भर्ती के तहत चल रही मेडिकल परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को ‘अनफिट’ करने की धमकी देकर उनसे व उनके अभिभावकों से अवैध धन वसूली की जा रही थी। यह पूरी साजिश एक संगठित गिरोह द्वारा संचालित की जा रही थी।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस ने डायग्नोस्टिक सेंटर से सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर भी कब्जे में ले ली है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद और भी नाम सामने आ सकते हैं और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



