लखनऊ/सर्वोदय:- कहते हैं कि जब इरादे मजबूत हों, तो कोई भी चुनौती रास्ता नहीं रोक सकती। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले उत्कर्ष श्रीवास्तव ने इस बात को सच कर दिखाया है। UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक 498 हासिल कर उन्होंने साबित कर दिया कि दर्द को भी ताकत में बदला जा सकता है।
दिल टूटा, लेकिन हौसला नहीं
UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के बीच उत्कर्ष को तब बड़ा झटका लगा जब उनकी गर्लफ्रेंड ने उन्हें धोखा दे दिया और रिश्ता खत्म कर दिया। इस भावनात्मक चोट ने उन्हें अंदर से तोड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने हार मानने की बजाय इस दर्द को अपनी तैयारी की ऊर्जा बना लिया।”उसने बात करना बंद कर दिया, लेकिन मैंने अपने सपनों से बात करना शुरू कर दिया,” – उत्कर्ष
हिंदी मीडियम से UPSC में सफलता
उत्कर्ष ने अपनी पढ़ाई हिंदी माध्यम से की और गोरखपुर के दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक किया। वे बताते हैं कि उनकी सफलता के पीछे NCERT की किताबें और एम. लक्ष्मीकांत की ‘भारतीय राजनीति’ जैसी स्तरीय किताबों का अहम योगदान रहा।
संघर्ष बना प्रेरणा
कई बार प्यार में मिले धोखे या ब्रेकअप जैसी घटनाएं युवाओं को भटका देती हैं, लेकिन उत्कर्ष ने इसे अपनी ताकत बना लिया। उन्होंने अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा और दिन-रात मेहनत करते हुए UPSC की परीक्षा पास की।
अभी सफर बाकी है
498वीं रैंक पाने के बावजूद उत्कर्ष यहीं नहीं रुकना चाहते। वे आगे भी UPSC की परीक्षा देकर बेहतर रैंक हासिल करना चाहते हैं। उनका मानना है कि सीखने और खुद को बेहतर बनाने की कोई सीमा नहीं होती।
युवाओं के लिए प्रेरणा
उत्कर्ष की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल है जो निजी परेशानियों के चलते अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं। उनका यह संदेश है – “अगर दिल टूटे तो टूट जाने दो, लेकिन अपने सपनों को कभी मत तोड़ो।”


