लखनऊ/सर्वोदय:– प्रसिद्ध लोकगायिका नेहा सिंह राठौर एक बार फिर चर्चा में हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाने में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 10 और संशोधित आईटी एक्ट की एक धारा के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई अभय सिंह नामक व्यक्ति की शिकायत पर की गई है।
एफआईआर के बाद नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लगातार दो प्रतिक्रियाएं साझा कीं। पहली पोस्ट में उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद कहा, वहीं दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उनके खाते में केवल 519 रुपये हैं और उन्हें कानूनी सहायता की आवश्यकता है।
वीडियो में तीखा जवाब
सोमवार को नेहा ने एक 1 मिनट 24 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा: “पहलगाम हमले के जवाब में अब तक सरकार ने क्या किया है? मेरे ऊपर FIR? अरे दम है तो जाइये… आतंकवादियों के सिर लेकर आइये!”
नेहा ने आरोप लगाया कि सरकार उनके खिलाफ एफआईआर कराकर पहलगाम आतंकी हमले जैसे गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भगवान नहीं हैं, और बीजेपी देश नहीं है। यदि सरकार को सवालों से दिक्कत है, तो उन्हें सत्ता छोड़ देनी चाहिए।
“क्या यही राजनीति है?”
वीडियो में राठौर ने कहा: “जिस तरह लोकतंत्र में एक-एक वोट जरूरी होता है, उसी तरह सवाल भी जरूरी होते हैं। अगर सवाल पूछने पर नोटिस, FIR, नौकरी से निकालना, गाली देना और अपमानित करना ही राजनीति है, तो तानाशाही क्या होती है?”
मामले का राजनीतिक और सामाजिक असर
नेहा सिंह राठौर हमेशा से अपने बेबाक और जनसरोकार से जुड़े गीतों व बयानों के लिए जानी जाती रही हैं। उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर दो तरह की राय सामने आ रही है—कुछ लोग सरकार की इस कार्रवाई को उचित ठहरा रहे हैं, तो कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला आगे क्या मोड़ लेता है। क्या नेहा को कानूनी राहत मिलेगी या इस विवाद से राजनीतिक बहस और गहराएगी?



