नई दिल्ली/सर्वोदय:- भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि 2025 के अंत तक पाकिस्तान का एक देश के रूप में नामोनिशान नहीं रहेगा. वर्ष 2025 के आखिर तक पाकिस्तान चार हिस्सों में बंट जाएगा. हम पीओके को वापस लेंगे ही, बलूचिस्तान, पख्तूनिस्तान और पंजाब जैसे तीन देशों में बंटेगा.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह सुनिश्चित करेंगे. निशिकांत दुबे का यह बयान काफी महत्वपूर्ण है. लेकिन क्या ऐसा संभव है? क्या सच में बलूचिस्तान, पख्तूनिस्तान और पंजाब में पकिस्तान सेना के लिए मुश्किलें इस कदर हैं कि वह संभाल नहीं पा रहा है?
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन कम आबादी वाला राज्य है. यहां प्राकृतिक संसाधनों जैसे गैस, तांबा, सोने का खजाना है. बलूचों का आरोप है कि सरकार उनका शोषण कर रही है. बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) पाकिस्तानी सेना का रोजाना कत्लेआम करने पर उतारू है. वे पीएम मोदी से मदद मांग चुके हैं ताकि अलग देश बना सकें. भारी संख्या में स्थानीय लोग विद्रोहियों के समर्थन में हैं. वहां आर्मी की नहीं चलने देते. पाकिस्तानी सेना ने विद्रोह जितनी बार दबाने की कोशिश की, विद्रोही और उग्र हो जाते हैं. इसका बंटना कोई बड़ी बात नहीं.
खैबर पख्तूनख्वा (KPK) और अफगानिस्तान के पश्तून-बहुल क्षेत्रों को मिलाकर एक स्वतंत्र पश्तून राष्ट्र बनाने का प्लान है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) जैसे संगठन पश्तूनों के अधिकारों और सेना के अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यहां सेना का कत्लेआम कर रही है. PTM को स्थानीय समर्थन मिल रहा है, लेकिन यह एक सशस्त्र विद्रोह नहीं है, इसलिए थोड़ी मुश्किल है. लेकिन अगर इनके पास हथियार पहुंच गए तो ये पाकिस्तानी सेना पर भारी पड़ सकते हैं.
पंजाब पाकिस्तान का सबसे शक्तिशाली और आर्थिक रूप से मजबूत प्रांत है. पाकिस्तानी आर्मी और पॉलिटिकल लीडरशिप से जुड़े ज्यादातर लोग यहीं से आते हैं. लेकिन यह इलाका आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है. इंडस वॉटर ट्रीटी के सस्पेंशन से पंजाब का एग्रीकल्चर बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इससे इनकी आमदनी ही बंद नहीं होगी, खाना पीना भी मुश्किल हो जाएगा. पंजाब में कोई सक्रिय अलगाववादी आंदोलन नहीं है, लेकिन आर्थिक संकट और सामाजिक अशांति सरकार के खिलाफ असंतोष को बढ़ा सकती है. लेकिन यह पाकिस्तानी सेना का सबसे मजबूत गढ़ है.सेना और नौकरशाही में पंजाब का दबदबा इसे एकजुट रखता है.
भारत ऐलान कर चुका है कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर हमारा है और हम इसे लेकर ही रहेंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 मार्च 2025 को कहा कि पीओके के लोग खुद भारत में विलय की मांग करेंगे. भारत का इस बार इरादा पूरा है कि वह पीओके को लेकर आए.



