UP:वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन, दो SDM और कंप्यूटर ऑपरेटर पर FIR

UP News: – उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सदर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद दो एसडीएम और एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोपियों में पूरनपुर के एसडीएम मयंक गोस्वामी, अमरिया के एसडीएम हेमंत चौधरी और मतदाता पंजीकरण केंद्र (VRC) के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार शामिल हैं।

सहायक निर्वाचन अधिकारी केके कश्यप की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि की है। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होना आरोपों का अंतिम रूप से साबित होना नहीं है।

दो एसडीएम पद से हटाए गए, कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान दोनों एसडीएम निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर कराई गई प्रारंभिक जांच में कथित अनियमितताएं सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने बुधवार रात दोनों अधिकारियों को उनके पदों से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था।

वहीं, कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। इसके बाद गुरुवार को तीनों के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। अब पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच की जा रही है।

कांग्रेस ने मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायत की थी

इस मामले में कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी। पार्टी का आरोप था कि सदर विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद जुलाई से सितंबर के बीच 13,150 मतदाताओं के नाम बदल दिए गए, जबकि उनके मतदाता पहचान पत्र (EPIC) और सीरियल नंबर पहले जैसे ही रहे।

कांग्रेस ने 884 ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए जाने का भी आरोप लगाया था, जो संबंधित क्षेत्र में रह रहे हैं। इसके अलावा, पार्टी ने दावा किया था कि 2,600 ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए, जो मौके पर निवास नहीं करते हैं।

इन तीनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 16,554 मतदाताओं के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए गए थे। इन आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

10,470 फॉर्म-8 की दोबारा जांच होगी

जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार के मुताबिक, 31 मई से 29 अगस्त के बीच सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में संशोधन के लिए ऑफलाइन माध्यम से 13,779 फॉर्म-8 प्राप्त हुए थे। जांच के दौरान इनमें से 10,470 फॉर्म स्वीकृत किए गए, जबकि 3,309 फॉर्म अस्वीकृत कर दिए गए थे।

शिकायत सामने आने के बाद अब स्वीकृत किए गए सभी 10,470 फॉर्म-8 की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में किए गए संशोधनों की दोबारा पड़ताल करना और शिकायतों से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना है।

पीलीभीत की अन्य विधानसभा क्षेत्रों की वोटर लिस्ट भी जांच के दायरे में

प्रशासन ने जांच का दायरा केवल सदर विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा है। जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश के अनुसार पूरनपुर, बीसलपुर और बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की भी जांच कराई जाएगी।

जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में अब पुलिस जांच, विभागीय पड़ताल और मतदाता सूची के रिकॉर्ड की दोबारा जांच पर नजर रहेगी।

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