वृंदावन/सर्वोदय न्यूज़ : प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को हुई आत्महत्या के बाद वृंदावन से जुड़े विवाद लगातार चर्चा में हैं। इसी बीच श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और माता शाकुम्भरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर प्रेमानंद महाराज की किडनी की सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय जांच कराने की मांग की है।
आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का कहना है कि उन्होंने इससे पहले भी 3 जुलाई 2024 को तत्कालीन जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनियों की सरकारी चिकित्सालय में जांच कराने और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की मांग की थी। अब उन्होंने एक बार फिर पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच कराने की मांग उठाई है।
विराट कोहली के प्रवक्ता ने आरोपों को बताया निराधार
इस पूरे विवाद के बीच क्रिकेटर विराट कोहली का नाम भी चर्चा में आया है। दिनेश फलाहारी की ओर से दावा किया गया था कि विराट कोहली पांच करोड़ रुपये लेकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे थे। हालांकि विराट कोहली के प्रवक्ता ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
मंगलवार को जारी बयान में प्रवक्ता ने कहा कि विराट कोहली के संबंध में किया गया यह दावा पूरी तरह झूठा और तथ्यों से परे है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोहली प्रेमानंद महाराज के पास अपनी आस्था और श्रद्धा के चलते जाते हैं।
प्रवक्ता ने मीडिया से अपील की कि इस तरह के आरोपों को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उनकी सत्यता की पुष्टि की जाए। साथ ही जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग करने का आग्रह किया गया है।
संत प्रेमानंद सिद्ध साधक, लेकिन शिष्यों के व्यवहार पर सवाल
चतु:सम्प्रदाय वैष्णव परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज ने भी पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य और अनुयायियों के बीच गुटबाजी के चलते कई तरह के विवाद सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संत प्रेमानंद एक सिद्ध साधक हैं, लेकिन उनके आसपास रहने वाले कुछ शिष्यों और अनुयायियों के व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। महंत फूलडोल बिहारी दास ने संत प्रेमानंद महाराज से इन विवादों पर तत्काल नियंत्रण करने और अपना ध्यान भजन-साधना में केंद्रित रखने की बात कही।
रसिक दुलारी शरण की मौत की जांच में जुटी पुलिस
दूसरी ओर, रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस की कई टीमें मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) राजीव कुमार के अनुसार, मृतक के रिश्तेदारों, दोस्तों और करीबी लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और डीवीआर से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक मामले से संबंधित डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा गया है और उनकी वैज्ञानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है।
आश्रम में मारपीट की खबरों को पुलिस ने बताया बेबुनियाद
सोशल मीडिया पर आश्रम परिसर में मृतक के परिजनों के साथ कथित अभद्रता और मारपीट की खबरें भी सामने आई थीं। पुलिस ने फिलहाल इन दावों को निराधार बताया है। एएसपी के मुताबिक, ऐसी किसी घटना से संबंधित शिकायत या तथ्य स्थानीय पुलिस के संज्ञान में नहीं आया है।
पुलिस प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।
लापता लोगों की तलाश के लिए लगाए जा रहे पोस्टर
वहीं, वृंदावन में कुछ परिवारों द्वारा अपने बच्चों और परिजनों के लापता होने की शिकायत किए जाने के बाद उनकी तलाश भी जारी है। सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जा रहे पोस्टरों को लेकर पुलिस ने कहा कि यह तलाश की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
पुलिस के अनुसार रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और आश्रमों समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी पोस्टर लगाए जा रहे हैं। उद्देश्य यह है कि लापता लोगों के संबंध में किसी व्यक्ति को जानकारी मिलने पर पुलिस तक तुरंत सूचना पहुंच सके।


