न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई में आंदोलन की घोषणा करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अब उन पर तंज कसा है। दीपके ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न दिया जाना चाहिए। उन्होंने अपने बयान में इसकी वजह भी बताई।
अभिजीत दीपके ने कहा कि आज भाजपा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के बजाय ज्ञानेश कुमार की कथित “कैलकुलेशन” के आधार पर जीत हासिल कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे राज्यों में भी भाजपा को जीत दिलाई गई, जहां उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जीत हासिल करना संभव नहीं था।
‘भारत रत्न तो देना ही चाहिए’
मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दीपके ने कहा कि अगर भाजपा को चुनावी फायदा पहुंचाने में ज्ञानेश कुमार की भूमिका बताई जा रही है तो उन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी उन्होंने व्यंग्य के तौर पर की है।
ज्ञानेश कुमार को सम्मान दिए जाने को लेकर इससे पहले भी राजनीतिक नेताओं की ओर से इसी तरह की टिप्पणियां सामने आई हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हाल में पद्म पुरस्कार की चर्चा के संदर्भ में व्यंग्य करते हुए कहा था कि यदि भाजपा पश्चिम बंगाल में मिली चुनावी सफलता का श्रेय ज्ञानेश कुमार को देती है तो उन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए।
CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन
अभिजीत दीपके ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। उनके मुताबिक, दो अक्टूबर से मुंबई में प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसके बाद अक्टूबर के अंतिम हिस्से में दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आंदोलन करने की योजना है।
दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी छह अक्टूबर को विपक्षी दलों की ओर से निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजेपी का आंदोलन अलग और स्वतंत्र रूप से चलाया जाएगा।
शिवाजी पार्क में प्रदर्शन का दावा
दीपके ने बताया कि उनकी पार्टी दो अक्टूबर को मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में प्रदर्शन करना चाहती है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे के साथ आपराधिक कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।
पुलिस अनुमति को लेकर भी उठाया सवाल
मुंबई पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के सवाल पर दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की राजनीतिक गतिविधियों का हवाला देते हुए सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि यदि शिवाजी पार्क में राजनीतिक कार्यक्रम हो सकते हैं तो उनकी पार्टी को वहां प्रदर्शन करने की अनुमति क्यों नहीं दी जा सकती।
ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों और अन्य राजनीतिक समूहों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग की भूमिका और उसके फैसलों को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच यह मामला भी चर्चा में बना हुआ है।


