लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़ : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अब दलित और युवा वोटरों के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने पर खास जोर देते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में समाजवादी छात्र सभा के ड्रेस कोड में बदलाव के बाद मंगलवार को अखिलेश यादव ने संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की।
समाजवादी छात्र सभा के नए ड्रेस कोड में कार्यकर्ता अब लाल टोपी के साथ नीली जींस और नीली टी-शर्ट में नजर आएंगे। टी-शर्ट पर समाजवादी पार्टी का लोगो लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। अखिलेश यादव ने बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियों और युवाओं को पार्टी से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की।
सियासी तौर पर इस कदम को बसपा के पारंपरिक दलित वोटरों के बीच सपा की पहुंच बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
दलित वोटरों के साथ युवाओं पर भी फोकस
बैठक में दलित समाज के वोटरों को पार्टी से जोड़ने के साथ-साथ युवा मतदाताओं के बीच सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया। समाजवादी छात्र सभा के पदाधिकारियों को प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों और विश्वविद्यालयों तक पहुंचने की रणनीति तैयार करने को कहा गया है।
कार्यकर्ता कैंपस में छात्रों के साथ सीधे संवाद करेंगे और समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान किए गए कार्यों की जानकारी युवाओं तक पहुंचाएंगे। साथ ही छात्रों से उनकी समस्याओं और सुझावों को लेकर फीडबैक लिया जाएगा।
पार्टी की योजना अगले दो सप्ताह तक विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रों से संवाद करने की है। छात्रों से मिलने वाले सुझावों को आगामी चुनाव के घोषणा पत्र में शामिल करने पर भी विचार किया जाएगा।
Gen-Z और Gen-Alpha को जोड़ने की तैयारी
समाजवादी पार्टी अब अपनी छात्र राजनीति को नई पीढ़ी के बीच विस्तार देने की तैयारी में है। बैठक में Gen-Z और Gen-Alpha को पार्टी से जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और कैंपस गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की रणनीति पर चर्चा हुई।
छात्र सभा के कार्यकर्ता युवाओं के बीच जाकर उनकी शिक्षा, रोजगार और अन्य मुद्दों को समझेंगे। पार्टी का लक्ष्य युवाओं की अपेक्षाओं को चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनाना है।
सत्ता में आए तो छात्रसंघ व्यवस्था लागू करने का वादा
अखिलेश यादव ने बैठक के दौरान छात्र राजनीति को लेकर भी बड़ा आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो छात्र सभा के चुनाव में जीतने वाले प्रतिनिधियों को देश और विदेश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में भेजकर वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन कराया जाएगा।
इसके आधार पर उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में बेहतर छात्रसंघ व्यवस्था लागू करने की बात कही गई। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी के साथ समान व्यवहार किया जाएगा।
भाजपा पर अखिलेश यादव का हमला
बैठक के बाद अखिलेश यादव ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने भाजपा पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए और सरकार के रोजगार संबंधी वादों पर जवाब मांगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव बुनियादी मुद्दों पर होना चाहिए और सरकार को रोजगार सहित युवाओं से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक मुद्दों को लेकर भी तीखा हमला बोला।
नीले ड्रेस कोड को लेकर क्या बोले अखिलेश?
समाजवादी छात्र सभा के नए नीले ड्रेस कोड पर अखिलेश यादव ने इसे बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और बहुजन समाज से जुड़े प्रतीक के तौर पर बताया।
उन्होंने कहा कि छात्र सभा का ड्रेस कोड नीला रहेगा, जबकि पार्टी के अन्य फ्रंटल संगठनों का ड्रेस कोड पहले की तरह ही रहेगा। अखिलेश ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चल रही राजनीतिक लड़ाई का भी जिक्र किया और कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को इस मोर्चे पर सक्रिय रहना होगा।
पेपर लीक पर नीति बनाने का वादा
अखिलेश यादव ने युवाओं और छात्रों से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार बनने की स्थिति में कदम उठाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए नई नीति लाई जाएगी।
उन्होंने इस प्रस्ताव को पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने की बात कही। इसके अलावा अखिलेश यादव ने लखनऊ के हजरतगंज में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा देने का भी वादा किया।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी की छात्र सभा को सक्रिय करने और नीले रंग के जरिए दलित समाज के साथ राजनीतिक जुड़ाव बढ़ाने की यह रणनीति यूपी की चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


