न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में मंगलवार को छात्रों के आंदोलन के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। प्रशासनिक भवन परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों और विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय के बीच विवाद हो गया। बातचीत के दौरान छात्र आक्रोशित हो गए और उन्होंने प्रॉक्टर को घेर लिया।
बताया जा रहा है कि मामला बढ़ने पर प्रॉक्टर वहां से निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन कुछ छात्रों ने उनका पीछा किया। स्थिति को बिगड़ते देख विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया और प्रॉक्टर को वहां से बाहर निकाला। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रॉक्टर ने पूरे मामले को लेकर कैंट थाने में तहरीर दी है।
गेट खुलवाने को लेकर बिगड़ी बात
जानकारी के मुताबिक, आंदोलन कर रहे छात्रों ने प्रशासनिक भवन के दोनों प्रवेश द्वारों पर ताला लगा दिया था। इससे भवन के अंदर मौजूद कर्मचारी और अन्य लोग बाहर नहीं निकल पा रहे थे।
इसी दौरान प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय छात्रों से बातचीत कर गेट खुलवाने का प्रयास कर रहे थे। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इसके बाद छात्रों ने प्रॉक्टर को घेर लिया और मामला देखते ही देखते गर्म हो गया।
माहौल बिगड़ने पर प्रॉक्टर वहां से जाने लगे। इसी दौरान छात्रों द्वारा उनका पीछा किए जाने की बात सामने आई। विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्डों ने हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
प्रॉक्टर ने पुलिस को दी तहरीर
डीडीयू के प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय ने बताया कि आंदोलनकारी छात्रों ने प्रशासनिक भवन के दोनों गेट पर ताला लगा दिया था। उनका कहना है कि गेट बंद होने के कारण अंदर मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों को परेशानी हो रही थी।
प्रॉक्टर के मुताबिक, वह छात्रों से ताला खोलने के लिए बातचीत कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान कुछ छात्र उग्र हो गए। उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को देने की बात कही और कैंट थाने में तहरीर भी दी है।
25 अगस्त से आंदोलन कर रहे हैं छात्र
विश्वविद्यालय के छात्र नेता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 25 अगस्त से प्रशासनिक भवन के सामने आंदोलन कर रहे हैं। शुरुआत में छात्रों ने धरना दिया था, लेकिन मांगों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल शुरू कर दी गई है।
छात्र नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। छात्र नेता सतीश प्रजापति ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र नेताओं की क्या हैं प्रमुख मांगें?
आंदोलन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने कई मुद्दे उठाए हैं। इनमें प्रमुख रूप से निष्कासित किए गए छात्रों की बहाली, छात्रसंघ चुनाव कराने और छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के बावजूद लिए जा रहे शुल्क को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग शामिल है।
छात्रों ने विश्वविद्यालय में परीक्षा एजेंसी के कामकाज तथा डिग्री और अंकपत्र के नाम पर कथित तौर पर वसूली की जांच कराने की भी मांग की है।
इसके अलावा छात्रावासों में मेस और अन्य मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता सुधारने तथा पीएम-उषा योजना के तहत विश्वविद्यालय में हो रहे कार्यों के आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।
नए कुलपति से छात्रों को उम्मीद
आंदोलन कर रहे छात्र नेताओं का कहना है कि उन्हें विश्वविद्यालय के नए कुलपति से अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है। छात्र नेता सतीश प्रजापति ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया गया है।
फिलहाल प्रॉक्टर की ओर से पुलिस को तहरीर दिए जाने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। विश्वविद्यालय परिसर में तनाव को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


