अयोध्या/ सर्वोदय न्यूज़: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों पर फैसला लिया है। एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। वहीं, ट्रस्ट के पूर्व कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि को नया महासचिव बनाया गया है। वह अब चंपत राय की जगह महासचिव का दायित्व संभालेंगे।
इसके अलावा नवनियुक्त ट्रस्टी महेश भागचंदका को ट्रस्ट का नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बैठक के बाद पत्रकारों को इन फैसलों की जानकारी दी।
यह बैठक राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर उठे विवाद के बाद ट्रस्ट की तीसरी बैठक थी।
5,585 आवेदनों में से चुने गए जीतेंद्र मिश्रा
कृष्ण मोहन ने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया के बाद तीन उम्मीदवारों का पैनल तैयार किया गया था, जिसमें से एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर सहमति बनी।
उन्होंने बताया कि छह जुलाई को उन्हें ट्रस्ट का अंतरिम महासचिव बनाया गया था। अब नियमित महासचिव के तौर पर महंत गोविंद देव गिरि को जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया गया है। वहीं, कोषाध्यक्ष पद का दायित्व महेश भागचंदका को सौंपा गया है।
CEO के कामकाज के लिए तैयार होगी SOP
नवनियुक्त महासचिव महंत गोविंद देव गिरि ने बताया कि CEO के कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए आने वाले दिनों में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी। इसमें CEO के अधिकार, कर्तव्य और जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया जाएगा।
बैठक में तीन नए ट्रस्टियों को शामिल करने के फैसले पर भी मुहर लगी। इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की डॉ. निर्मला यादव शामिल हैं।
ट्रस्ट की आय 237 करोड़, निर्माण पर 425 करोड़ रुपये खर्च
बैठक में ट्रस्ट के आंतरिक अंकेक्षण से संबंधित लेखे भी पेश किए गए। जानकारी के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रस्ट की आय 237 करोड़ रुपये रही, जबकि कुल खर्च करीब 91 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
वहीं, राम मंदिर निर्माण कार्यों पर 425 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया गया। 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के पास कुल उपलब्ध धनराशि करीब 1,882 करोड़ रुपये बताई गई है।
न्यासी मंडल ने बैठक में इन वित्तीय लेखों को अनुमोदित कर दिया।
सर्च कमेटी की सिफारिश पर हुआ CEO का चयन
सूत्रों के मुताबिक CEO की नियुक्ति का फैसला एक विशेष सर्च कमेटी की सिफारिशों पर विचार-विमर्श के बाद लिया गया। इस समिति ने पद के लिए तीन उम्मीदवारों के नाम तय किए थे।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली सर्च कमेटी में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे शामिल थे।
समिति ने मंगलवार को ट्रस्ट के तत्कालीन कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी थी। समिति के सचिव समीर पंडा के अनुसार उम्मीदवारों का मूल्यांकन नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन विशेषज्ञता, ईमानदारी और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर किया गया। इसके बाद तीन बेहद योग्य पेशेवरों के नाम की सिफारिश की गई।
ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका के लिए सम्मानित हो चुके हैं मिश्रा
राम मंदिर ट्रस्ट के नवनियुक्त CEO जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक सेवा दे चुके हैं। वह 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में शामिल हुए थे और 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त होने से पहले 39 साल से अधिक समय तक सेवा की।
रिटायर्ड एयर मार्शल मिश्रा को ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका के लिए सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। अब राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के तौर पर उनके सामने मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और प्रबंधन कार्यों को व्यवस्थित करने की अहम जिम्मेदारी होगी।


