लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़ : उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप और युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के पास बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवा हैं। सरकार का उद्देश्य उनकी क्षमता को सही मंच उपलब्ध कराकर रोजगार और नवाचार के नए अवसर पैदा करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब तेजी से स्टार्टअप और इनोवेशन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में देश के कुल स्टार्टअप्स में यूपी की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत बताई गई है। सरकार इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने 107 स्टार्टअप्स को करीब 3.42 करोड़ रुपये और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। इसके साथ ही स्टार्टअप नीति 2026 की पुस्तिका का विमोचन और स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया।
यूपी की बड़ी आबादी को सीएम योगी ने बताया डेमोग्राफिक डिविडेंड
युवा उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ से अधिक आबादी को केवल चुनौती के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इतनी बड़ी आबादी प्रदेश के लिए बड़ी संभावना भी है।
उन्होंने कहा कि यूपी की युवा आबादी को सरकार डेमोग्राफिक डिविडेंड के रूप में देख रही है। जरूरत इस बात की है कि युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को सही प्लेटफॉर्म मिले, जिससे वे नए कारोबार और रोजगार के अवसर पैदा कर सकें।
2014 से अब तक तेजी से बदला स्टार्टअप इकोसिस्टम
मुख्यमंत्री ने देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में करीब 500 स्टार्टअप्स थे, जबकि अब यह संख्या 2.5 लाख से अधिक हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में भी पिछले कुछ वर्षों में स्टार्टअप्स की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। इनमें 8 यूनिकॉर्न भी शामिल हैं।
सरकार की ओर से स्टार्टअप नीति के तहत 12 नए इनक्यूबेटर्स को भी मान्यता दिए जाने की बात कही गई है।
देश के कुल स्टार्टअप में यूपी की हिस्सेदारी 20% करने का लक्ष्य
सीएम योगी ने कहा कि आबादी के लिहाज से देश में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब एक-छठे हिस्से की है, लेकिन स्टार्टअप के मामले में यह लगभग एक-दसवें हिस्से तक है। ऐसे में प्रदेश की हिस्सेदारी को बढ़ाने की पर्याप्त संभावना है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश के कुल स्टार्टअप्स में यूपी की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत तक पहुंचे।
महिलाओं की स्टार्टअप में बढ़ रही भागीदारी
मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स का संचालन महिलाएं कर रही हैं।
सरकार की ओर से आईआईटी कानपुर, बीएचयू, ट्रिपल आईटी, एकेटीयू और आईआईएम जैसे संस्थानों से आने वाले स्टार्टअप प्रस्तावों को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता और अन्य सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार ने वर्ष 2019 में सिडबी के साथ फंड ऑफ फंड्स की व्यवस्था भी शुरू की थी।
2017 से पहले यूपी में इनोवेशन का माहौल नहीं था: योगी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों के कार्यकाल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान खराब सड़कों, बिजली की समस्या और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों के कारण बनी हुई थी।
उन्होंने दावा किया कि उस दौर में स्कूल-कॉलेज और बाजार लंबे समय तक बंद रहने तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं के कारण रोजगार, शिक्षा, इनोवेशन और स्टार्टअप जैसे विषयों पर चर्चा करना मुश्किल था।
‘नया यूपी’ तेजी से आगे बढ़ रहा
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद सरकार की ओर से किए गए प्रयासों के परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं। उनके मुताबिक प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय, महिला वर्कफोर्स की भागीदारी और बड़े उद्योगों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश पीछे हटने वाला नहीं है। सरकार प्रदेश को देश की तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने के साथ-साथ स्टार्टअप, इनोवेशन और उद्यमिता का मजबूत हब बनाने की दिशा में काम कर रही है।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव आलोक कुमार और एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय समेत कई अधिकारी और युवा उद्यमी मौजूद रहे।


