PM Modi Independence Day Speech 2026: 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। करीब 77 मिनट के भाषण में भले ही किसी राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव को सीधे केंद्र में नहीं रखा गया, लेकिन भाषण के कई मुद्दों को 2027 और 2028 में होने वाले चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
2027 में उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गोवा और मणिपुर जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके बाद 2028 में मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तेलंगाना में चुनाव होने हैं। ऐसे में पीएम मोदी के भाषण में महिला सशक्तिकरण, युवा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खेल और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जोर खासा अहम माना जा रहा है।
6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य रखा है।
लखपति दीदी योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ऐसी महिलाओं को बढ़ावा दिया जाता है, जिनकी सालाना आय कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंचती है।
पीएम मोदी ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव आएगा। उन्होंने इसे महिला आरक्षण और स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी से भी जोड़ा।
ग्रामीण आबादी वाले उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों में महिला कल्याण और ग्रामीण आय से जुड़े मुद्दे चुनावी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
‘दिमागी नक्सल’ पर पीएम मोदी का हमला
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक शांति के मुद्दे पर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने वामपंथी उग्रवाद का जिक्र करते हुए कहा कि हथियारबंद नक्सली कमजोर पड़ चुके हैं, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ जैसी वैचारिक चुनौतियां अभी भी देश के सामने मौजूद हैं।
पीएम मोदी ने देशवासियों और युवाओं को हिंसा, अराजकता और अस्थिरता फैलाने वाली ताकतों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध और अस्थिरता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अपनी आंतरिक ताकत के दम पर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
युवाओं को लेकर तीन बड़े ऐलान
प्रधानमंत्री के भाषण में युवा भी प्रमुख केंद्र में रहे। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि उन्हें केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला और वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने वाला बनना चाहिए।
1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग
पीएम मोदी ने घोषणा की कि अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को तेजी से बदलती तकनीक के लिए तैयार करना और भारत को AI के क्षेत्र में मजबूत बनाना है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग
NEET, JEE और UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी प्रधानमंत्री ने मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि महंगी कोचिंग का खर्च गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी पड़ता है।
सरकार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेषज्ञ शिक्षकों को जोड़कर छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम करेगी।
5 से 15 साल के बच्चों का स्पोर्ट्स टैलेंट हंट
पीएम मोदी ने खेलों में भारत की भागीदारी और प्रदर्शन को मजबूत करने के लिए 5 से 15 साल के बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी टैलेंट हंट की घोषणा की।
इस अभियान के जरिए गांवों और शहरों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण देने की योजना है। इसका लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारत के लिए मजबूत खेल प्रतिभाओं की नई पीढ़ी तैयार करना है।
नशे के खिलाफ अभियान पर जोर
प्रधानमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए युवाओं का स्वस्थ और नशामुक्त रहना बेहद जरूरी है। सरकार की ओर से नशा मुक्ति को लेकर अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
चुनावी राज्यों के लिए क्या संकेत?
पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में सीधे तौर पर किसी राज्य के विधानसभा चुनाव की चर्चा नहीं थी। हालांकि महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, युवा, रोजगार, शिक्षा, खेल और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे ऐसे हैं, जिनका असर आने वाले विधानसभा चुनावों में दिखाई दे सकता है।
2027 और 2028 के चुनावी कैलेंडर को देखते हुए प्रधानमंत्री के भाषण को महिला + युवा + विकास + सुरक्षा के व्यापक राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि इन घोषणाओं का चुनावी असर क्या होगा, यह आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन और राज्यों के स्थानीय मुद्दों पर निर्भर करेगा।



