यूपी में किसकी बनेगी सरकार? बृजभूषण शरण सिंह बोले- ‘इस बार लड़ाई है, क्या झूठ बोल दें?’

UP Politics: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी या समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन सत्ता में वापसी करेगा। इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने यूपी के चुनावी मुकाबले को लेकर बड़ा बयान दिया है।

एक इंटरव्यू के दौरान जब बृजभूषण शरण सिंह से पूछा गया कि आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में किसकी सरकार बनने की संभावना है और क्या योगी आदित्यनाथ लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे या अखिलेश यादव सत्ता में वापसी कर सकते हैं, तो उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि ‘इस बार लड़ाई है।’

जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बार भाजपा के लिए चुनाव पिछली बार की तरह आसान नहीं होगा, तो उन्होंने दोबारा कहा कि मुकाबला कड़ा रहेगा। एंकर की ओर से यह कहे जाने पर कि आप तो भाजपा के नेता हैं, बृजभूषण सिंह ने जवाब दिया, ‘तो क्या हम झूठ बोल दें? इस बार लड़ाई है।’

सत्ता विरोधी लहर का भी किया जिक्र

बृजभूषण शरण सिंह ने चुनावी माहौल पर बात करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के 37 सांसदों की जीत के पीछे अलग राजनीतिक परिस्थितियां थीं। उन्होंने कहा कि चुनावी परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं और मौजूदा समय में मुकाबला आसान नहीं है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार को करीब दस साल हो चुके हैं। ऐसे में सत्ता विरोधी माहौल का असर होना स्वाभाविक है। उनके मुताबिक इस बार प्रदेश में टफ फाइट देखने को मिल सकती है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भी बोले बृजभूषण

इंटरव्यू के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और कथित गड़बड़ी के आरोपों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि शुरुआत में इस मुद्दे से विपक्ष को कुछ राजनीतिक फायदा मिला, लेकिन अब इसका असर उल्टा पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ा चुनावी मुद्दा नहीं बनेगा। उनके मुताबिक चुनाव में जनता का मुख्य फोकस मौजूदा सरकार के कामकाज पर रहेगा।

‘राम मंदिर मुद्दा चुनावी मुद्दा नहीं रहेगा’

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के मामले को जिस तरह से राजनीतिक रूप दिया गया, उससे उन्हें आपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को भगवा और साधु-संतों से जोड़कर पेश किया गया, जबकि जिन लोगों के नाम सामने आए, वे मंदिर की व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी और अन्य जिम्मेदार लोग थे।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में कई संत पहले भी राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे हैं, लेकिन भगवा वस्त्रों को इस विवाद से जोड़कर दिखाए जाने के बाद संत समाज में इसे लेकर नाराजगी बढ़ी है।

हालांकि, बृजभूषण सिंह ने अखिलेश यादव पर सीधे तौर पर आरोप लगाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद भगवान श्रीकृष्ण में आस्था की बात करते हैं और उनके पिता मुलायम सिंह यादव भी भगवान हनुमान के भक्त होने की बात कहते थे।

अब यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा, सपा और कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो रही हैं। ऐसे में बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान चुनावी माहौल में भाजपा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles