नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़ : केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच गतिरोध खत्म करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। बुधवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की CJP प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक प्रस्तावित है। इससे पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ देर रात हुई बातचीत के बाद सरकार को समाधान की उम्मीद नजर आ रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार ने बातचीत का रास्ता खुला रखा है और छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश जारी है।
संसद में चर्चा पर बनी सहमति के संकेत
सूत्रों के मुताबिक, देर रात हुई बैठक में सबसे अहम मुद्दा छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा कराने की मांग रही। बताया जा रहा है कि सरकार इस विषय पर संसद में चर्चा कराने के लिए सकारात्मक रुख दिखा सकती है। यदि ऐसा होता है तो लंबे समय से जारी गतिरोध समाप्त होने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
वांगचुक से अस्पताल में मिले केंद्रीय मंत्री
भूख हड़ताल के बाद अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक से मंगलवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में मुलाकात की। इसके बाद बुधवार को CJP प्रतिनिधियों के साथ औपचारिक वार्ता होनी है।
प्रदर्शन को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
छात्र आंदोलन को लेकर मंगलवार को राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज रहीं।
- राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया।
- विपक्षी नेताओं ने छात्रों के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने का प्रयास किया।
- दिल्ली पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया।
- संसद के मानसून सत्र में भी इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार चर्चा की मांग कर रहा है।
सरकार का फोकस बातचीत पर
सरकार का कहना है कि वह आंदोलन का समाधान संवाद के जरिए निकालना चाहती है। इससे पहले भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी, जिसमें छात्रों ने बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई थी।
अब बुधवार की बैठक को पूरे विवाद के समाधान की दिशा में अहम माना जा रहा है।
दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा
आंदोलन और विभिन्न राजनीतिक प्रदर्शनों को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली में तैनात करने के निर्देश दिए हैं। ये कंपनियां पश्चिम बंगाल से वायु मार्ग के जरिए राजधानी लाई जा रही हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।



