अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में नए तथ्य सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनके आधार पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, उनके खिलाफ अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है और अंतिम निर्णय विवेचना पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
जांच में सामने आया है कि गणना कक्ष (काउंटिंग रूम) की जिम्मेदारी डॉ. अनिल मिश्रा के पास थी। आरोप है कि शिकायतें मिलने के बावजूद उन्होंने समय पर आवश्यक कदम नहीं उठाए, जिससे कथित अनियमितताओं को रोकने में चूक हुई।
पूछताछ के दौरान कई आरोपियों ने यह भी दावा किया कि गणना कक्ष की व्यवस्था और संचालन में अनिल मिश्रा की भूमिका थी, हालांकि उन्हें वहां नियमित रूप से आते-जाते कम देखा जाता था।
इससे पहले ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के नाम से वायरल एक पत्र में भी अनिल मिश्रा पर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) में कथित बदलाव सहित कई आरोप लगाए गए थे। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, छह आरोपियों ने कथित तौर पर चढ़ावा चोरी की बात स्वीकार की है, जबकि दो अन्य आरोपियों ने आरोपों से इनकार किया है। पुलिस ने पूछताछ के दौरान कुछ मात्रा में सोना, चांदी और नकदी भी बरामद करने का दावा किया है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत कर दी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद मामले में अगला फैसला लिया जाएगा।