न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेस वार्ता में कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच पर्याप्त नहीं है और इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI से कराई जाए और जांच की प्रगति सार्वजनिक की जाए।
SIT जांच पर उठाए सवाल
सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि अब तक हुई कार्रवाई में केवल निचले स्तर के लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कथित रूप से बड़े जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि SIT की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
‘आस्था पर हमला’ बताया मामला
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला करोड़ों राम भक्तों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है। उनके अनुसार, यदि चढ़ावे में किसी प्रकार की हेराफेरी हुई है तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने इस कथित हेराफेरी की तुलना ऐतिहासिक संदर्भ से करते हुए कहा कि ऐसा करने वालों ने “महमूद गजनवी को भी पीछे छोड़ दिया।”
BJP, RSS और ट्रस्ट पर भी साधा निशाना
सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े ट्रस्ट में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पूछा कि जांच की प्रगति सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही और इस मामले में शीर्ष स्तर पर जवाबदेही क्यों तय नहीं की जा रही।
अब तक क्या है स्थिति?
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT कर रही है। इस मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। हालांकि, कांग्रेस ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए CBI जांच की मांग की है। मामले में संबंधित जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है।



