Tuesday, July 7, 2026

Buy now

spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT का बड़ा खुलासा, कपड़ों और जूतों में छिपाकर निकाले जाते थे नोटों के बंडल

Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, दान की गिनती के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में भारी लापरवाही बरती गई, जिससे कथित तौर पर कर्मचारियों को लंबे समय तक चोरी करने का मौका मिलता रहा।

48 दिनों में 70 संदिग्ध घटनाएं

एसआईटी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि 27 अप्रैल से 5 जून के बीच रिकॉर्ड हुए सीसीटीवी फुटेज में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं दिखाई दीं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कर्मचारी गिनती कक्ष के भीतर नोटों की गड्डियां और खुली नकदी को अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और अन्य स्थानों पर छिपाते नजर आए।

जांच टीम का मानना है कि यह कोई एक-दो बार की घटना नहीं थी, बल्कि लंबे समय से अपनाया जा रहा एक सुनियोजित तरीका था।

पुराने CCTV फुटेज नहीं मिले

रिपोर्ट में बताया गया है कि 27 अप्रैल से पहले की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं हो सकी, क्योंकि सीमित स्टोरेज क्षमता के कारण पुराना डेटा स्वतः डिलीट हो गया। ऐसे में इससे पहले भी इसी तरह की गतिविधियां हुई हों, इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

सुरक्षा नियमों की अनदेखी

एसआईटी ने जांच में पाया कि दान की गिनती के दौरान तय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। कर्मचारियों की प्रवेश और निकास के समय तलाशी नहीं ली जाती थी। निजी सामान पर प्रभावी निगरानी का अभाव था और कई दानपात्रों की नकदी एक साथ मिलाकर गिनी जाती थी। इसके अलावा कीमती चढ़ावे के रिकॉर्ड और सत्यापन की प्रक्रिया में भी गंभीर खामियां मिलीं।

छह कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल

प्रारंभिक रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और राम शंकर मिश्रा की प्रथम दृष्टया संलिप्तता का उल्लेख किया गया है। इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच शुरू होने से पहले कुछ कर्मचारियों के पास से लगभग 78.94 लाख रुपये बरामद किए गए थे। वहीं 4 जून को गिनती कक्ष से करीब 2.25 लाख रुपये भी बरामद होने की जानकारी दी गई है।

बैंक खातों में मिले संदिग्ध लेनदेन

एसआईटी ने कर्मचारियों के बैंक खातों की जांच में उनकी घोषित आय की तुलना में अधिक नकद जमा और वित्तीय लेनदेन पाए हैं। रिपोर्ट में विस्तृत वित्तीय जांच की सिफारिश की गई है।

जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित कर्मचारियों का मासिक वेतन करीब 20 हजार रुपये था, जबकि कटौती के बाद उन्हें लगभग 15 हजार रुपये ही हाथ में मिलते थे। इसके बावजूद उनके खातों में संदिग्ध लेनदेन दर्ज पाए गए।

एसओपी का भी नहीं हुआ पालन

रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा तय संयुक्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का भी सही तरीके से पालन नहीं किया गया। बिना जेब वाली यूनिफॉर्म लागू नहीं की गई, बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था प्रभावी नहीं थी और दानपात्रों की राशि को अलग-अलग रखने के बजाय पहले ही मिला दिया जाता था। नोटों की व्यवस्थित गिनती और बंडलिंग भी नहीं की जाती थी।

एसआईटी का निष्कर्ष है कि सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और प्रक्रियाओं में लगातार हुई इन चूकों ने मिलकर चढ़ावे की कथित चोरी के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर दिया। जांच टीम अपनी अंतिम रिपोर्ट 15 जुलाई तक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

1,388FansLike
133FollowersFollow
621SubscribersSubscribe
- Advertisement -[cricket_score]

Latest Articles