अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यकारिणी की अहम बैठक जारी है। बैठक के दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों पदों पर नए चेहरों को लेकर भी चर्चा चल रही है। इनमें विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंगलाल बागड़ा का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में बताया जा रहा है।
कौन हैं बजरंगलाल बागड़ा?
बजरंगलाल बागड़ा मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले हैं। वह वर्तमान में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री हैं। फरवरी 2024 में अयोध्या में आयोजित विहिप की प्रन्यासी मंडल और प्रबंध समिति की बैठक में उन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे बागड़ा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी नालको (NALCO) के चेयरमैन भी रह चुके हैं। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने विहिप की सक्रिय जिम्मेदारियां संभालीं और बाद में संगठन के राष्ट्रीय मंत्री तथा फिर अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बने।
महासचिव पद के लिए और कौन हैं दावेदार?
सूत्रों के मुताबिक, महासचिव पद के लिए ट्रस्टी कृष्ण मोहन का नाम भी चर्चा में है। कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में पूर्वी उत्तर प्रदेश के संघ चालक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
इसके अलावा बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया का नाम भी संभावित विकल्पों में लिया जा रहा है।
बैठक में किन-किन लोगों ने लिया हिस्सा?
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास कर रहे हैं। बैठक में शामिल प्रमुख सदस्यों में—
- महंत गोविंद देव गिरि
- जगद्गुरु माध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ
- कृष्ण मोहन
- निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास
- विहिप के केंद्रीय संरक्षक दिनेश जी
- अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी
वहीं, नृपेंद्र मिश्र, के. पारासरन, उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद और प्रशांत लोखंडे वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
सीईओ की नियुक्ति पर भी हो सकती है चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के लिए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है। साथ ही ट्रस्ट के रिक्त पदों पर नए सदस्यों के मनोनयन पर भी चर्चा होने की संभावना है।
चंपत राय के समर्थन और विरोध, दोनों की चर्चा
बैठक से पहले ट्रस्ट के भीतर अलग-अलग मत सामने आए। एक पक्ष चंपत राय के समर्थन में खुलकर सामने आया, जबकि दूसरा पक्ष संगठन में नए नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर देता दिखा।
इस बीच ट्रस्ट के वरिष्ठ न्यासी स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि यदि किसी ने अपराध किया है तो उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच और पारदर्शी व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया।
नोट: बैठक में इस्तीफे स्वीकार होने और नई नियुक्तियों को लेकर फिलहाल विभिन्न सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है। अंतिम और आधिकारिक निर्णय ट्रस्ट की ओर से जारी किए जाने वाले बयान के बाद ही स्पष्ट होगा।



