अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़: राम मंदिर में चढ़ावा और बहुमूल्य आभूषणों की कथित चोरी के मामले को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को शुरू हो गई। बैठक ऐसे समय हो रही है, जब इस प्रकरण में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास कर रहे हैं। अस्वस्थ होने के बावजूद वह बैठक में शामिल हुए। बैठक से पहले उन्होंने एक पत्र जारी कर घटना पर दुख जताया और कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा भी जताया।
बैठक का मुख्य एजेंडा क्या है?
बैठक की शुरुआत ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने एजेंडा प्रस्तुत कर की। जानकारी के अनुसार, बैठक का प्रमुख विषय ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा के इस्तीफों पर विचार करना है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार बैठक शुरू होने तक इन इस्तीफों पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया था।
चंपत राय और अनिल मिश्रा बैठक में शामिल नहीं हुए
ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा मौजूद नहीं रहे। बताया जा रहा है कि कुछ ट्रस्ट सदस्यों ने बैठक से पहले यह मांग रखी थी कि दोनों की अनुपस्थिति में ही बैठक आयोजित की जाए। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राम मंदिर परिसर में चंपत राय के पहुंचने की सूचना जरूर मिली, लेकिन बैठक में उनके शामिल होने की जानकारी सामने नहीं आई।
कौन-कौन ट्रस्टी पहुंचे?
बैठक में कई प्रमुख ट्रस्टी और सदस्य मौजूद रहे। इनमें शामिल हैं—
- ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास
- कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी
- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती
- युगपुरुष स्वामी परमानंद
- कृष्ण मोहन
वहीं, ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र और वरिष्ठ अधिवक्ता के. पारासरन के वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
एसआईटी रिपोर्ट पर भी हो सकती है चर्चा
उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े। वह ट्रस्ट के पदेन सदस्य भी हैं। एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उन्हें ही सौंपी थी। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बैठक में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर भी चर्चा की जा सकती है।
अब तक क्या हुई कार्रवाई?
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 5 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच अभी जारी है और ट्रस्ट की यह बैठक इसी क्रम में बेहद अहम मानी जा रही है।



