न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। 548 करोड़ रुपये की लागत वाली 143 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान हासिल कर चुकी है।
अखिलेश के बयान पर दिया जवाब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने सत्ता में आने पर अयोध्या को “बेमिसाल धार्मिक नगरी” बनाने की बात कही थी।
योगी ने कहा, “समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष कह रहे हैं कि उनकी सरकार बनेगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे। जो लोग अयोध्या का इतिहास नहीं समझ पाए, वे उसे धार्मिक नगरी क्या बनाएंगे?”
‘राम भक्तों पर चली थीं गोलियां’
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अतीत में राम भक्तों पर गोली चलाने की घटनाएं हुई थीं। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या का भव्य और दिव्य स्वरूप करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का परिणाम है।
कांवड़ यात्रा और जन्माष्टमी का भी किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान पुलिस थानों और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन बंद करा दिए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि कांवड़ यात्रा पर भी कई प्रकार की पाबंदियां लगाई गई थीं।
मंदिरों के विकास का किया दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने हाथरस जिले में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में सरकारी धन कब्रिस्तानों की चारदीवारी पर खर्च किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर काम कर रही है।
मथुरा और काशी को लेकर विपक्ष को चुनौती
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने मथुरा, वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष धार्मिक विरासत के विकास की बात करता है, तो उसे इन स्थलों के विकास का भी खुलकर समर्थन करना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर रही है, जबकि विपक्ष के पास विकास का स्पष्ट एजेंडा नहीं है और वह केवल तुष्टिकरण की राजनीति करता है।



